क्षमा बिंदु ने खुद से कर ली शादी, भारत में 'सोलोगैमी' का यह पहला मामला

भारत में एकल विवाह के पहले मामले में वडोदरा की रहने वाली क्षमा बिंदू की 11 जून को खुद से शादी करने की योजना थी। वह एक बायसैक्सुअल हैं। उन्होंने समाजशास्त्र में स्नातक किया है और वर्तमान में एक निजी कंपनी में वरिष्ठ भर्ती अधिकारी के रूप में कार्यरत हैं।

क्षमा बिंदु ने खुद से कर ली शादी, भारत में 'सोलोगैमी' का यह पहला मामला

भारत में पहली बार 'सोलोगैमी' (यानी खुद से शादी करना) का एक उदाहरण सामने आया है। भारत के राज्य गुजरात की महिला क्षमा बिंदु ने खुद से शादी की है। 'मेहंदी' और 'हल्दी रस्म' समेत​ बिंदु ने हिंदू रीति रिवाजों से जुड़ीं शादी की सभी रस्मों को पूरा किया और वह शादी के बाद हनीमून पर भी जाएंगी। बिंदु ने विवाद से बचने के लिए तय तारीख से पहले शादी की है।

क्षमा का कहना है कि मैं खुद से प्यार करती हूं, इसलिए मैंने खुद से शादी की है।

दरअसल बिंदु को भारत की प्रमुख राजनैतिक पार्टी भाजपा के एक नेता ने मंदिर में शा​दी करने का विरोध करते हुए कहा था कि वह बिंदु की मंदिर में शादी नहीं होने देंगे, यह हिंदू धर्म के खिलाफ है। हालांकि अब बिंदु शादी कर चुकी हैं और उन्होंने एक वीडियो संदेश में सभी को धन्यवाद दिया और कहा कि वह सभी के समर्थन और प्रोत्साहन के लिए आभारी हैं। उन्होंने फेसबुक पर डाली अपनी वीडियो में कहा कि मैं उन सभी का शुक्रिया अदा करना चाहूंगी जिन्होंने मुझे मैसेज किया और मुझे बधाई दी और मुझे उस चीज के लिए लड़ने की ताकत दी, जिसमें मैं विश्वास करती हूं।

बिंदु की शादी की चर्चा जब सोशल मीडिया पर फैली तो भाजपा के एक नेता ने कहा था कि इस तरह की शादियां हिंदू धर्म के खिलाफ हैं और बिंदु को मंदिर में शादी करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। दूसरी ओर कांग्रेस नेता मिलिंद देवड़ा ने बिंदु की शादी को पागलपन बताया था। हालांकि बिंदु के समर्थन में सोशल मीडिया पर काफी लोगों ने अपनी प्रतिक्रिया दी। इनमें से एक रटगर्स विश्वविद्यालय में इतिहास में पीएचडी कर रहीं मारियो दा पेन्हा ने देवड़ा से पूछा कि हम एक ऐसे देश में रहते हैं जहां मां​गलिक दोष की वजह से महिलाओं की केले के पौधे, पीपल के पेड़, कुत्ते और मिट्टी के बर्तनों से शादी कर दी जाती ताकि उसका प्रभाव उसके पति पर न हो। ऐसे में बिंदु का कृत्य अगर पागलपन है तो आप इन प्रथाओं को क्या कहेंगे?

बता दें कि भारत में एकल विवाह के पहले मामले में वडोदरा की रहने वाली क्षमा बिंदू की 11 जून को खुद से शादी करने की योजना थी। वह एक बायसैक्सुअल हैं। उन्होंने समाजशास्त्र में स्नातक किया है और वर्तमान में एक निजी कंपनी में वरिष्ठ भर्ती अधिकारी के रूप में कार्यरत हैं। बिंदु के माता-पिता दोनों इंजीनियर हैं। क्षमा ने कहा कि स्व-विवाह स्वयं के लिए और स्वयं के लिए बिना शर्त प्यार होने की प्रतिबद्धता है। यह आत्म-स्वीकृति का कार्य भी है। लोग किसी ऐसे व्यक्ति से शादी करते हैं जिससे वे प्यार करते हैं। मैं खुद से प्यार करती हूं और इसलिए मैंने खुद से शादी की है।