Skip to content

अमेरिका में डॉक्टरों की कमी पूरी कर सकते हैं भारतीय, लेकिन ये मुश्किल आड़े आई

अमेरिका में कुल फिजिशियंस में कम से कम 29.5 फीसदी भारतीय मूल के हैं। आंकड़ों के अनुसार यहां हर सातवां डॉक्टर भारतीय मूल का है। लेकिन इसकी परवाह किसी को नहीं है कि इनमें से कितने ग्रीन कार्ड बैकलॉग में फंसे हुए हैं।

Photo by Online Marketing / Unsplash

संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) में भारतीय डॉक्टरों को पूरे देश में अस्पतालों से काम करने की पेशकश की जाती है। ये अस्पताल इस समय फिजिशियंस की कमी का सामना कर रहे हैं। भारतीय डॉक्टर इस कमी को पूरा कर सकते हैं लेकिन उनके ग्रीन कार्ड बैकलॉग में फंसे होने की वजह से यह काम संभव नहीं हो पा रहा है।

अमेरिकन मेडिकल कॉलेजों के संघ का अनुमान है कि 2034 तक 37,800 और 124,000 चिकित्सकों के बीच कमी होगी

विस्कॉन्सिन के एक अस्पताल की क्रिटिकल केयर यूनिट में इंटेंसिविस्ट के तौर पर काम करने वाले डॉ. राज कर्नाटक ने हाल ही में खुद को ऐसी स्थिति में पाया जो दिल तोड़ने वाली थी। आयोवा के एक अस्पताल को एक इंटेंसिविस्ट या क्रिटिकल केयर फिजिशियन की जरूरत थी। अस्पताल ने डॉ. राज को इस जॉब की पेशकश की थी।

This post is for paying subscribers only

Subscribe

Already have an account? Log in

Latest