अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को बाधा-मुक्त बनाने के लिए कोरोना की बूस्टर डोज की तैयारी कर रहा है भारत

मंत्रालय ने पाया है कि रोजगार, शिक्षा, व्यावसायिक कार्यों से विदेश यात्रा करने वालों को बूस्टर डोज की जरूरत पड़ सकती है। इसे ध्यान में रखते हुए इन्हें बूस्टर खुराक की अनुमति देने पर विचार हो रहा है। नौकरी या पढ़ाई के लिए विदेश जाने वालों, खिलाड़ियों, सरकारी अफसरों को भी यह डोजदी जा सकती है।

अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को बाधा-मुक्त बनाने के लिए कोरोना की बूस्टर डोज की तैयारी कर रहा है भारत

कोरोना महामारी के कारण भारत में दो साल से बंद नियमित अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रविवार से शुरू कर दी गई हैं। ऐसी संभावना है कि यात्रियों को किसी भी प्रकार की परेशानी से बचाने के लिए भारत की सरकार पहले चरण में जल्द ही पढ़ाई, नौकरी, खेल और आधिकारिक या व्यापार संबंधी कार्यो के लिए विदेश जाने के इच्छुक लोगों को बूस्टर डोज लगाने की अनुमति दे सकती है।

नौकरी या पढ़ाई के लिए विदेश जाने वालों, खिलाड़ियों, बैठकों में जाने वाले सरकारी अधिकारियों के लिए बूस्टर डोज की मंजूरी दी जा सकती है। 

इसके साथ ही इस पर भी चर्चा की जा रही है कि क्या विदेश जाने वाले यात्रियों को पैसे देकर निजी टीका केंद्रों पर बूस्टर डोज लेनी चाहिए। भारत में अभी स्वास्थ्य कर्मियों और फ्रंटलाइन वर्कर्स के साथ ही साथ 60 साल से अधिक उम्र के लोगों को बूस्टर डोज लगाई जा रही है।