गूगल ने भारत में ही क्यों बंद की RCS, किस अंदेशे से घबरा गई यह कंपनी

RCS एक कम्यूनिकेशन प्रोटोकॉल है जिसका उद्देश्य उपयोगकर्ताओं को एसएमएस के पुराने तरीके की बजाय उसे अधिक समृद्ध और अधिक आकर्षक संदेश भेजने का एक जरिया देना है। वह सुविधा जिसका उपयोग एसएमएस पर नहीं किया जा सकता। गूगल ने यह सुविधा नए एंड्रायड मोबाइल फोन में उपलब्ध कराई है।

गूगल ने भारत में ही क्यों बंद की RCS, किस अंदेशे से घबरा गई यह कंपनी
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गूगल ने अपनी रिच कम्युनिकेशन सर्विसेज (RCS) को भारत में गलत ढंग से प्रयोग किए जाने के सिलसिले में फिलहाल के लिए बंद कर दिया है। गूगल ने भारत में अपनी इस सुविधा को बंद करने के पीछे तर्क दिया है कि इसका भारत के कारोबारी अवांछित मार्केटिंग के लिए फायदा उठा रहे थे।

Android Phone
वैसे गूगल चाहता है कि मैसेज ऐप RCS लगभग हर एंड्रायड फोन पर डिफॉल्ट मैसेजिंग ऐप बन जाए क्योंकि यह एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन के अलावा अन्य समृद्ध सुविधाएं भी मुहैया करता है। Photo by Pathum Danthanarayana / Unsplash

गूगल ने कहा कि वह उपयोगकर्ताओं के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए इस पर काम करेगा लेकिन अभी के लिए RCS भारत में बंद रहेगा। इस सुविधा को बंद करने का मतलब है कि रिच लिंक प्रीव्यू, GIF, एनिमेटेड चित्र और अन्य तत्व जो नए Android फोन के जरिए दूसरों को भेजा जाता था, वे तब तक गायब रहेंगे, जब तक कि यह सुविधा फिर से गूगल द्वारा भारत में शुरू नहीं कर दी जाती।

दरअसल RCS एक कम्यूनिकेशन प्रोटोकॉल है, जिसका उद्देश्य उपयोगकर्ताओं को एसएमएस के पुराने तरीके की बजाय उसे अधिक समृद्ध और अधिक आकर्षक संदेश भेजने का एक जरिया देना है। वह सुविधा, जिसका उपयोग एसएमएस पर नहीं किया जा सकता। गूगल ने यह सुविधा नए एंड्रायड मोबाइल फोन में उपलब्ध कराई है। लेकिन RCS सिर्फ आम लोगों के लिए नहीं है। यह उन व्यवसायों के लिए भी उपलब्ध है जो मार्केटिंग के साथ अधिक रचनात्मक हो सकते हैं जैसे कि अधिक इंटरैक्टिव विज्ञापन देना और प्रचार संदेश भेजना।

लेकिन भारत के कई वयापारियों ने अधिक पहुंच बढ़ाने की इच्छा में स्पैमिंग का सहारा लिया है। गूगल ने भारत में RCS को रोकने का निर्णय कई उपयोगकर्ताओं की लगातार आ रही शिकायतों के बाद लिया है। गूगल का कहना है कि इनमें वो व्यवसायों के नाम भी हैं जो गूगल मैप पर वैरिफाइड हैं।

हालांकि जानकारों का मानना है कि भारत में RCS को बंद करना एक अस्थायी समाधान है क्योंकि स्मार्टफोन को पहले से बेहतर बनाने के लिए इस सुविधा की जरूरत होती है और यह विश्व स्तर पर उपलब्ध है। यह थोड़ा अजीब भी है क्योंकि दुनिया में और कहीं भी गूगल ने यह नहीं कहा है कि उसने इस तरह की समस्या का सामना किया है और वो भी इस हद तक।

दूसरी ओर गूगल ने कहा है कि वह RCS के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए काम करेगा। जिसका मतलब कम स्पैम हो सकता है लेकिन प्रचार संदेश और अन्य मार्केटिंग तत्व पूरी तरह से बंद नहीं होंगे। बता दें कि इस साल की शुरुआत में गूगल ने कहा था कि वह पिछले कई वर्षों से फोन निर्माताओं के साथ काम कर रहा है ताकि RCS को मुख्यधारा में लाया जा सके। दूसरे शब्दों में कहें तो गूगल चाहता है कि मैसेज ऐप RCS लगभग हर एंड्रायड फोन पर डिफॉल्ट मैसेजिंग ऐप बन जाए क्योंकि यह एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन के अलावा अन्य समृद्ध सुविधाएं भी मुहैया करता है।