कनाडा में छिपे गैंगस्टर ने कहा, हमने सिद्धू मूसेवाला को इसलिए मारा, क्योंकि...

गैंगस्टर सतेंद्रजीत सिंह उर्फ ​​गोल्डी बरार मुक्तसर का रहने वाला है और माना जा रहा है कि वह कनाडा में छिपा है। बरार ने जिम्मेदारी का दावा करने के लिए अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर लिखा कि हत्या के पीछे वह और लॉरेंस बिश्नोई समूह थे।

कनाडा में छिपे गैंगस्टर ने कहा, हमने सिद्धू मूसेवाला को इसलिए मारा, क्योंकि...

भारत के लोकप्रिय पंजाबी गायक और कांग्रेस नेता सिद्धू मूसेवाला की रविवार को हत्या होने के बाद अब कनाडा के एक गैंगस्टर गोल्डी बरार ने हत्या की जिम्मेदारी ली है। हत्या में लॉरेंस बिश्नोई का नाम भी सामने आया है। बरार ने जिम्मेदारी का दावा करने के लिए अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर लिखा कि हत्या के पीछे वह और लॉरेंस बिश्नोई समूह थे।

गोल्डी ने अपनी पोस्ट में लिखा कि आज पंजाब में मूसेवाला मारा गया। मैं, सचिन बिश्नोई, लॉरेंस बिश्नोई जिम्मेदारी लेते हैं। यह हमारा काम है। मूसेवाला का नाम हमारे भाई विक्रमजीत सिंह मिड्दुखेड़ा और गुरलाल बराड़ की हत्या में सामने आया था लेकिन पंजाब पुलिस ने उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। हमें यह भी पता चला कि मूसेवाला हमारे सहयोगी अंकित भादू के एनकाउंटर में भी शामिल था। मूसेवाला हमारे खिलाफ काम कर रहा था। दिल्ली पुलिस ने उसका नाम लिया था लेकिन मूसेवाला ने अपनी राजनीतिक शक्ति का इस्तेमाल किया और हर बार खुद को बचा लिया।

पंजाब सरकार द्वारा सिद्धू की सुरक्षा में कटौती किए जाने के 24 घंटे से भी कम समय में हत्या कर दी गई। 

बता दें कि गैंगस्टर सतेंद्रजीत सिंह उर्फ ​​गोल्डी बरार मुक्तसर का रहने वाला है। माना जा रहा है कि वह कनाडा में छिपा है। उसके पिता शमशेर सिंह एक एएसआई थे जिन्हें पिछले साल एक हत्या के मामले में उनकी कथित संलिप्तता के बाद अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी गई थी। सूत्रों का कहना है कि पंजाब में सक्रिय गैंगस्टर कोड नेम से काम करते हैं। गोल्डी को कभी डॉक्टर कहकर संबोधित किया जाता था। गैंगस्टर अपने सहयोगियों को उन्हें सौंपी गई जिम्मेदारी के अनुसार नाम देते हैं और वे इन्हें बदलते रहते हैं।

जानकारी के लिए बता दें कि पंजाब सरकार द्वारा सिद्धू की सुरक्षा में कटौती किए जाने के 24 घंटे से भी कम समय में हत्या कर दी गई। 28 वर्षीय मूसेवाला की हत्या मनसा जिले में उसके गांव के पास की गोली मारकर की गई। मूसेवाला को नजदीकी अस्पताल ले जाया गया जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया।

जानकार बताते हैं कि अकाली दल के 33 वर्षीय यूथ नेता विक्रमजीत सिंह मिड्दुखेड़ा की 7 अगस्त 2021 को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। ऐसे आरोप थे कि मूसेवाला ने अपने प्रबंधक शगुनप्रीत सिंह को हत्या को अंजाम देने का निर्देश दिया था। आरोप था कि सिंह ने मिड्दुखेड़ा की हत्या को अंजाम देने के लिए कौशल गिरोह के सदस्यों को काम पर रखा था। जांच के दौरान नाम सामने आने के बाद सिंह इस साल अप्रैल में विदेश भाग गया था।

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने कौशल-बंभिया-लकी पडियाल गैंग के सदस्य अनिल कुमार उर्फ ​​लठ, सज्जन सिंह उर्फ ​​भोलू और अजय कुमार उर्फ ​​सनी को गिरफ्तार कर लिया। बाद में उन्हें पंजाब पुलिस को सौंप दिया गया था। उन्होंने पुलिस को बताया था कि मिद्दुखेड़ा की हत्या को दिशा देने में भूप्पी राणा और अमित डागर शामिल थे। मूसेवाला तभी से बरार और बिश्नोई गैंग के रडार पर था।