निवेशकों से धोखाधड़ी में दोषी पाए गए थेरेनॉस के पूर्व अध्यक्ष रमेश बलवानी

होम्स और बलवानी पर साल 2018 में आरोप लगाए गए थे। दोनों निवेशकों को धोखा देने के लिए एक लाखों डॉलर की स्कीम में और डॉक्टरों व मरीजों से धोखाधड़ी करने के लिए एक अन्य साजिश में संलिप्त थे।

निवेशकों से धोखाधड़ी में दोषी पाए गए थेरेनॉस के पूर्व अध्यक्ष रमेश बलवानी

थेरेनॉस (Theranos) के पूर्व अध्यक्ष रमेश 'सनी' बलवानी (57) और इस कंपनी की संस्थापक व सीईओ एलिजाबेथ होम्स के पूर्व बॉयफ्रेंड को वायर फ्रॉड के 10 और इसके लिए साजिश रचने के दो आरोपों में दोषी पाया गया है। उन्हें सात जुलाई को पांच पुरुषों और सात महिलाओं की ज्यूरी ने दोषी करार दिया था। इससे पहले जनवरी में होम्स को भी कंपनी के निवेशकों के साथ धोखाधड़ी करने के चार आरोपों में दोषी करार दिया गया था। उल्लेखनीय है कि थेरेनॉस एक ब्लड टेस्टिंग स्टार्टअप था जो नौ अरब डॉलर (करीब 714 अरब 10 करोड़ 59 लाख रुपये) की कंपनी बन गई थी लेकिन एक घोटाले ने कंपनी को खत्म कर दिया।

एलिजाबेथ होम्स फिलहाल बॉन्ड पर बाहर हैं और उन्हें सजा सितंबर में सुनाई जाएगी। उन्हें 20 साल कारावास और ढाई लाख डॉलर (करीब 19.83 करोड़ रुपये) के जुर्माने की सजा सुनाई जा सकती है। लगाया जा इसके साथ ही उन्हें हर उस आरोप के लिए पीड़ितों को मुआवजा देने के लिए भी कहा जा सकता है जिसमें उन्हें दोषी पाया गया है। वहीं बलवानी के वकीलों में से एक जेफरी कूपरस्मिथ ने एक बयान में कहा कि हमारी टीम इस फैसले से निराश है और हम इसे लेकर सभी संभावित विकल्पों पर विचार करेंगे। बलवानी को इस साल नवंबर में सजा सुनाई जा सकती है।

होम्स और बलवानी पर साल 2018 में आरोप लगाए गए थे। दोनों निवेशकों को धोखा देने के लिए एक लाखों डॉलर की स्कीम में और डॉक्टरों व मरीजों से धोखाधड़ी करने के लिए एक अन्य साजिश में संलिप्त थे। उल्लेखनीय है कि थेरेनॉस की स्थापना होम्स ने साल 2003 में की थी। उस समय उनकी उम्र केवल 19 साल की थी और उन्हें 'सिलिकन वैली व्हिज-किड' कहा गया था। उनकी इस कंपनी का लक्ष्य मेडिकल लैबोरेटरी टेस्टिंग में नए तरीकों को अपना कर क्रांतिकारी बदलाव लाने का था।

होम्स इस कंपनी का चेहरा थीं और बलवानी के प्रभाव को कंपनी के हर क्षेत्र में देखा जा सकता था। बलवानी ने नौ अरब डॉलर का एक ऐसा कांच का महल तैयार करने में अहम भूमिका निभाई थी जिसने निवेशकों और मरीजों दोनों को नुकसान पहुंचाया। बलवानी का ट्रायल करीब तीन महीने चला। इस दौरान अदालत ने ऐसे कई गवाहों की बात सुनी जो सीधे तौर पर उनके साथ काम करते थे। अपनी गवाही के दौरान होम्स ने बलवानी पर भावनात्मक और यौन शोषण करने का आरोप लगाया था और कहा था कि इसने कथित अपराध के समय मेरे फैसले पर असर डाला था।

हालांकि बलवानी का पैसा कमारे का सफर होम्स से मिलने से पहले ही शुरू हो चुका था। थेरेनॉस से जुड़ने और होम्स से मिलने से पहले ही वह लाखों डॉलर बना चुके थे। सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट कंपनी कॉमर्सबिड के अधिग्रहण के लिए बलवानी को चार करोड़ डॉलर मिले थे। उन्होंने 1998 में इस कंपनी को लॉन्च करने में मदद की थी।