लोन लेना पड़े तो भी विदेश में पढ़ेंगे, भारत के छोटे शहरों में बढ़ रही है रुचि

विजयवाड़ा, विशाखापत्तनम, गुंटूर, वारंगल और तिरुपति सहित टियर-II और टियर-III शहरों से इस बढ़ोतरी में सबसे ज्यादा 176 फीसदी योगदान देखने को मिला है। यानी मेट्रो शहर ही नहीं बल्कि भारत के छोटे शहरों से भी युवा विदेशी विश्वविद्यालयों में उच्च शिक्षा के इच्छुक हैं।

लोन लेना पड़े तो भी विदेश में पढ़ेंगे, भारत के छोटे शहरों में बढ़ रही है रुचि
Photo by Good Free Photos / Unsplash

विदेशों में अध्ययन के लिए भारत में शिक्षा ऋण के आवेदनों की संख्या पिछले वर्ष में लगभग दोगुनी हो गई है। इसके पीछे बड़ी वजह भारतीय युवाओं की विदेशी विश्वविद्यालयों में शिक्षा हासिल करने को लेकर बढ़ती रुचि बताई जा रही है।

A woman advises the CEO, (out of frame), while he fields questions from the floor, A Celebration of Woman’s Day, Seattle Region, Bellevue, Washington, USA. All the women shown work in high tech as consultants in the US. They are the best and brightest from universities in India. They remain concerned about children in general but specifically girls in India and the rest of the developing world and aspire to help them. A sub-section of technology workers, many of these women are in the US on H1-B Visas.

drop a penny if you wish https://paypal.me/1drlane
wonderlane@gmail.com
अध्ययन के अनुसार ऋण आवेदकों में 67 फीसदी पुरुष जबकि 33 फीसदी महिलाओं के आवेदन देखने को मिले हैं।Photo by Wonderlane / Unsplash

हालांकि यूक्रेन पर रूसी हमले के बाद से सु​रक्षित वापिस लौटे भारतीय छात्र अपनी बाकी पढ़ाई भारत में ही करना चाहते हैं और इसके लिए छात्रों ने भारतीय सुप्रीम कोर्ट में अर्जी भी दाखिल की है। ब्रिटेन स्थित फिनटेक कंपनी प्रोडिजी फाइनेंस के एक अध्ययन के अनुसार साल 2022 के पहले 3 महीनों में ठीक साल 2021 के पहले 3 महीनों की तुलना में ऋण आवेदनों में 98 फीसदी की वृद्धि हुई है।