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श्रीलंका को उबारने में भारत के साथ-साथ देशवासी भी इस तरह 'मेहनत' कर रहे हैं

श्रीलंका पर्यटन विकास प्राधिकरण (एसएलटीडीए) द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार मई में दैनिक औसत संख्या 974 थी जो जून में बढ़कर 1095 हो गई। वहीं मार्च में उच्चतम दैनिक संख्या 3600 देखने को मिली थी।

Photo by Farhath Firows / Unsplash

आर्थिक संकट से जूझ रहे श्रीलंका के लिए एक बार फिर भारत और भारतीय ही काम आए हैं। देश को संकट से उबारने के बाद श्रीलंका सरकार ने पिछले महीने यानी जून में अंतरराष्ट्रीय पर्यटन पर जोर देना शुरू कर दिया था। ऐसे में जून के माह में मई की तुलना में 8.8 फीसदी ज्यादा पर्यटक आए और खास बात यह है कि कुल पर्यटकों में 21 फीसदी भारतीय थे।

श्रीलंका प्रशासन द्वारा जारी ​आंकड़ों के अनुसार जून में पर्यटकों का आगमन चालू आर्थिक संकट के बावजूद मई में जहां सबसे कम 30,207 था वे 8.8 फीसदी बढ़कर 32,865 हो गया। हालांकि 2022 की पहली छमाही में पर्यटकों की कुल संख्या 4,00,000 को पार कर गई थी।

श्रीलंका की मानें तो यह अभी प्री कोविड के स्तर से 50 फीसदी कम है। लेकिन जून से बढ़ती पर्यटकों की संख्या को देखते हुए अनुमान लगाया जा सकता है कि जल्द ही प्री कोविड के स्तर को छू लिया जाएगा। जून में अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों की कुल संख्या 32,865 थी जिसमें 21 फीसदी यानी 6,650 पर्यटक भारत से श्रीलंका आए थे। इसके बाद यूके से 3,199 (10%) और ऑस्ट्रेलिया से 2,448 (8%) थे।

पिछली छमाही के आंकड़ों पर गौर करें तो भारतीयों की संख्या सबसे अधिक रही है। Photo by Lucija Ros / Unsplash

श्रीलंका पर्यटन विकास प्राधिकरण (SLTDA) द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार मई में दैनिक औसत संख्या 974 थी, जो जून में बढ़कर 1095 हो गई। वहीं मार्च में उच्चतम दैनिक संख्या 3600 देखने को मिली थी। हालांकि आर्थिक संकट और राजनीतिक उथल-पुथल के बाद अप्रैल के अंत तक यह घटकर 2,099 हो गई थी।

पिछली छमाही के आंकड़ों पर गौर करें तो भारतीयों की संख्या सबसे अधिक रही है। भारत से श्रीलंका पर्यटन के लिए जाने वाले पर्यटकों की संख्या 68,601 देखने को मिली है। वहीं इसके बाद यूके से 49,453, रूस से 46,337, जर्मनी से 33,373, फ्रांस से 21,683, ऑस्ट्रेलिया से 14,476, यूक्रेन से 13,781, कनाडा से 12,968, पोलैंड से 12,709, और अमेरिका से 11,626 पर्यटक पिछली छमाही में श्रीलंका पहुंचे थे।

प्राधिकरण की मानें तो पर्यटन उद्योग को डर था कि गंभीर ईंधन संकट और बिगड़ते आर्थिक हालातों को देखते हुए पर्यटकों की संख्या में सुधार होने की बजाय कमी आएगी। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। हालांकि मई में पर्यटन उद्योग ने अपने पहले के लक्ष्यों को संशोधित करते हुए लगभग 8,00,000 यात्रियों के साथ वर्ष के अंत तक 800 मिलियन डॉलर (6315 करोड़ रुपये) की आय का अनुमान लगाया है। इससे पहले उद्योग ने 2.3 मिलियन यानी 23 लाख पर्यटकों के आगमन और 4.5 बिलियन डॉलर (35,500 करोड़ रुपये) की आय वर्ष के शुरुआत में घोषित की थी। इसके बाद फरवरी में कोरोना के ओमिक्रॉन वैरिएंट के प्रसार को देखते हुए उद्योग ने 1.3 मिलियन यानी 13 लाख यात्रियों के साथ 2.4 अरब डॉलर (19,000 करोड़ रुपये) की कमाई का लक्ष्य निर्धारित किया था। बता दें कि श्रीलंका ने पर्यटन से पहले पांच महीनों में 681 मिलियन डॉलर (5375 करोड़ रुपये) की कमाई की है जोकि एक साल पहले 40 मिलियन डॉलर (315 करोड़ रुपये) थी।

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