न्यूयॉर्क: 'गुजरात महाराष्ट्र दिवस' में दोनों प्रदेशों के भारतवंशियों ने की 'मन की बात'

एफआईए अध्यक्ष केनी देसाई ने कहा कि गुजरात राज्य भगवान कृष्ण की कर्मभूमि है। महात्मा गांधी, सरदार पटेल, भक्त नरसी मेहता, विक्रम साराभाई, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जैसे विभिन्न क्षेत्रों से संबंधित कई उल्लेखनीय हस्तियों की यह भूमि रही है।

न्यूयॉर्क: 'गुजरात महाराष्ट्र दिवस' में दोनों प्रदेशों के भारतवंशियों ने की 'मन की बात'

फेडरेशन ऑफ इंडियन एसोसिएशन (FIA) और भारतीय वाणिज्य दूतावास ने भारतीय स्वतंत्रता के 75 साल के उपलक्ष्य में आजादी का अमृत महोत्सव समारोह के हिस्से के रूप में न्यूयॉर्क में भारतीय वाणिज्य दूतावास परिसर में 'गुजरात महाराष्ट्र दिवस' मनाया।

मुख्य अतिथि के रूप में प्रसिद्ध अभिनेत्री व निर्देशक अर्चना जोगलेकर और एक प्रेरक वक्ता काजल ओझा वैद्य मौजूद थीं।

हाल ही में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रसिद्ध अभिनेत्री और निर्देशक अर्चना जोगलेकर और प्रसिद्ध लेखिका, पटकथा लेखक, रेडियो जॉकी और एक प्रेरक वक्ता काजल ओझा वैद्य मौजूद थीं। कार्यक्रम में महावाणिज्य दूत रणधीर जयसवाल के साथ-साथ फेडरेशन ऑफ इंडियन एसोसिएशन (FIA) के अध्यक्ष केनी देसाई, FIA के चेयरमैन अंकुर वैद्य, पदमश्री एच.आर.शाह, पदमश्री डॉ.सुधीर पारिख, एडिसन के मेयर सैम जोशी और FIA से अन्य सदस्यों में सृजल पारिख, आलोक कुमार, स्मिता मिकी पटेल सहित कई एफआईए के सदस्य मौजूद थे।

महावाणिज्य दूत रणधीर जयसवाल

रणधीर जयसवाल ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि न केवल अमेरिका में बल्कि अन्य देशों में भी गुजरात और महाराष्ट्र दोनों राज्यों के भारतीय प्रवासी उन देशों की आर्थिक और सामाजिक प्रगति में योगदान दे रहे हैं। डिप्टी काउंसलर जनरल डॉ. वरुण जेप ने अपने भाषण में कहा कि दोनों राज्यों के लोग वित्त, व्यापार, उद्यमिता में अग्रणी हैं और साथ ही वे अपनी समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं और विरासत को संजोए हुए हैं।

FIA अध्यक्ष केनी देसाई ने कहा कि गुजरात राज्य भगवान कृष्ण की कर्मभूमि है। महात्मा गांधी, सरदार पटेल, भक्त नरसी मेहता, विक्रम साराभाई, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जैसे विभिन्न क्षेत्रों से संबंधित कई उल्लेखनीय हस्तियों की यह भूमि रही है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र हिंदू सनातन धर्म का संरक्षक रहा है। उसने छत्रपति शिवाजी, बाजीराव पेशवा और अहिल्याबाई होल्कर जैसे वीरों को जन्म दिया है। दोनों राज्यों के लोगों ने भारत के आर्थिक, औद्योगिक और वित्तीय विकास में अहम योगदान दिया है।

एडिसन के मेयर सैम जोशी

FIA के चेयरमैन ने अंकुर वैद्य ने अपने भाषण में कहा कि उनका जन्म और पालन-पोषण गुजरात के बड़ौदा में हुआ था। उन्होंने अन्य भारतीय समुदायों को शामिल करने और कार्यक्रमों और सभाओं में शामिल होने की आवश्यकता पर भी जोर दिया जहां विभिन्न भारतीय समुदायों के सभी सदस्य भाग ले सकें। उन्होंने कहा कि रणधीर जयसवाल ने समुदायों को एक साथ लाने के लिए इस दिशा में जबरदस्त काम किया है। उन्होंने अभूतपूर्व काम करने और सभी के लिए सुलभ होने के लिए भारतीय वाणिज्य दूतावास के अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रयासों की भी सराहना की।

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि काजल ओझा वैद्य ने कहा कि दोनों राज्यों को एक साथ देखा जाना चाहिए और इस तथ्य की सराहना की कि दोनों राज्यों ने प्रगति और विकास के मार्ग पर चलकर उद्यम, संस्कृति, वाणिज्य और मनोरंजन के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। आज की सभा इस बात का प्रमाण है कि हमारा देश हमारे दिलों में बसता है। वहीं पद्मश्री एचआर शाह ने कहा कि वह इस आयोजन के लिए सम्मानित महसूस कर रहे हैं और उन्होंने गुजरात महाराष्ट्र दिवस के पीछे के इतिहास की एक संक्षिप्त रूपरेखा दी जब दो राज्य अस्तित्व में आए।

एडिसन के मेयर सैम जोशी ने एडिसन में आईआईटी इंडिया का एक उपग्रह कार्यालय बनाने के अपने दृष्टिकोण के बारे में बताया। उन्होंने एफआईए को उनकी पहल के लिए धन्यवाद दिया जो भारतीय समुदाय को अपनी भारतीय जड़ों के संपर्क में रखने में एक लंबा सफर तय करते हैं।