वो पांच 'पाकिस्तानी' जो बरसों से करोड़ों भारतीयों के दिलों पर राज कर रहे हैं

भारत और पाकिस्तान के बीच भले ही कांटों की सरहद हो, सरकारों और सेनाओं के बीच दुश्मनी की दीवार हो, लेकिन दोनों तरफ ऐसे बहुत से लोग हैं जिन्होंने इस नफरत को अपने दिलों से दूर रखा है।

वो पांच 'पाकिस्तानी' जो बरसों से करोड़ों भारतीयों के दिलों पर राज कर रहे हैं

भारत और पाकिस्तान के बीच भले ही कांटों की सरहद हो, सरकारों और सेनाओं के बीच दुश्मनी की दीवार हो, लेकिन दोनों तरफ ऐसे बहुत से लोग हैं जिन्होंने इस नफरत को अपने दिलों से दूर रखा है। भारत में तमाम ऐसी हस्तियां और नामचीन कलाकार हैं, जो पैदा तो हुए उस इलाके में जो बाद में पाकिस्तान बन गया, लेकिन आज भी ये हिंदुस्तान के दिलों पर राज करते हैं। आइए मिलवाते हैं ऐसे ही कुछ लोगों से-

संपूर्ण सिंह कालरा यानी गुलज़ार

1.संपूर्ण सिंह कालरा यानी गुलज़ार किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं। उन्होंने अपने शब्दों, गीतों और कविताओं से पीढ़ी दर पीढ़ी लोगों को मोहित किया है। गुलज़ार उन लेखकों और कवियों में हैं, जो उम्र के बंधन को तोड़कर लोगों के दिलों पर राज करते हैं। उन्हें 1963 में फिल्म बंदिनी में एक गीतकार के रूप में पहला बड़ा ब्रेक मिला था। हालांकि लेखन के प्रति उनके प्रेम और जुनून को उस समय परिवार का साथ नहीं मिला लेकिन गुलजार ने अपने 'जिद्दी' स्वभाव और जुनून से भारत के संगीत जगत को वाकई गुलजार कर दिया है। गुलज़ार का जन्म 18 अगस्त, 1934 को पाकिस्तान के दीना में हुआ था।

राज कपूर

2.राज कपूर, यानी भारतीय सिनेमा के महानतम शोमैन। 50 वर्षों तक कैमरे के सामने और पीछे एक शानदार जिंदगी जीने वाले राज कपूर की फिल्मों ने प्यार, जीवन और आम आदमी के संघर्षों को फिल्मी पर्दे पर बखूबी उतारा। खुद एक शानदार जीवन जीने के बावजूद उनकी फिल्मों ने उस वक्त हर भारतीय की वास्तविकता और पीड़ा को उजागर किया। बूट पोलिश हो, श्री 420, जागते रहो या अनाड़ी... उनकी सभी 72 फिल्में अपने आप में फिल्म निर्माण की एक पूरी लाइब्रेरी हैं। राज कपूर का जन्म 14 दिसंबर, 1924 को पाकिस्तान के पेशावर में हुआ था।

मनमोहन सिंह

3.मनमोहन सिंह भारत के प्रमुख अर्थशास्त्री और राजनीतिज्ञ हैं, जो दो बार देश के प्रधानमंत्री रह चुके हैं। 1991 में जब देश भयानक आर्थिक संकट के मुहाने पर खड़ा था, तब उन्होंने वित्तमंत्री के रूप में ऐसे संरचनात्मक आर्थिक सुधार किए कि अर्थव्यवस्था में नई जान आ गई। न सिर्फ संकट सफलतापूर्वक टल गया बल्कि भारत विश्व बाजार में सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बनने की राह पर खड़ा हो गया। मनमोहन सिंह का जन्म 26 सितंबर 1932 को पश्चिमी पंजाब के गाह में हुआ था, जो आज पाकिस्तान है।

फ्लाइंग सिख मिल्खा सिंह

4.फ्लाइंग सिख मिल्खा सिंह, जिन्होंने ट्रैक एंड फील्ड के नक्शे पर भारत का नाम सुनहरे अक्षरों में दर्ज करवाया। भारतीय खेल इतिहास में कुछ सबसे सम्मानित शख्सियतों में से एक, महान धावक मिल्खा सिंह का जन्म 20 नवंबर 1929 को गोविंदपुरा में हुआ था, जो अब पाकिस्तान में है। चार बार के एशियाई खेलों के स्वर्ण पदक विजेता मिल्खा ने 1958 के राष्ट्रमंडल खेलों में भी स्वर्ण पदक जीता था। हालांकि उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 1960 के रोम ओलंपिक में रहा,  जिसमें वह 400 मीटर फ़ाइनल में चौथे स्थान पर रहे थे। उन्होंने 1956 और 1964 के ओलंपिक में भी भारत का प्रतिनिधित्व किया। 1959 में उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया गया था।

लालकृष्ण आडवाणी 

5.लालकृष्ण आडवाणी भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेताओं में से एक हैं। उन्होंने 14 साल की उम्र में 1941 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के एक स्वयंसेवक के रूप में अपना राजनीतिक जीवन शुरू किया था। वह 2002 से 2004 तक भारत के उप प्रधानमंत्री रहे। 2015 में उन्हें भारत के दूसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान, पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया था। आडवाणी का जन्म 8 नवंबर, 1927 को कराची में हुआ था, जो अब पाकिस्तान का हिस्सा है।