महारानी ने मुथलली को बनाया बिशप: प्रेम की दुनिया बनाएंगे, जहां सब रह सकें

डाउनिंग स्ट्रीट ने इस बाबत बयान जारी कर कहा कि महारानी ने लीसेस्टर में लोबॉरो के लिए सजू के नामांकन को अनुमति दी है। वह डॉ. गुलनार फ्रांसिस-दहकानी का स्थान लेंगे। वह अगले साल यह जिम्मेदारी संभालेंगे।

महारानी ने मुथलली को बनाया बिशप: प्रेम की दुनिया बनाएंगे, जहां सब रह सकें

भारतीय मूल के एक पादरी को मध्य इंग्लैंड में लोबॉरो का नया बिशप नियुक्त किया गया है। दक्षिण भारत में सीरियन ऑर्थोडॉक्स चर्च में पले-बढ़े मालयिल लुकोस वर्गीस मुथलली उर्फ सजू, इस समय दक्षिण इंग्लैंड के रोचेस्टर सूबे में सेंट मार्क के गिलिंघम चर्च में पादरी हैं। उनकी नई नियुक्ति पर महारानी एलिजाबेथ द्वितीय ने मुहर लगाई है।

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मैं सभी लोगों, विशेषकर गरीबों, जो हमारी दुनिया के हाशिये पर हैं, के लिए बेहतर माहौल बनाना चाहता हूं। Photo by Andrew Seaman / Unsplash

डाउनिंग स्ट्रीट की ओर से इस संबंध में एक बयान जारी किया गया था। इसमें कहा गया था कि महारानी ने लीसेस्टर में लोबॉरो के लिए सजू के नामांकन को अनुमति दी है। वह डॉ. गुलनार फ्रांसिस-दहकानी का स्थान लेंगे। वह अगले साल यह जिम्मेदारी संभालेंगे और तब 42 वर्ष की उम्र में इंग्लैंड के चर्च में सबसे युवा बिशप बन जाएंगे।

केरल से आने वाले सजू ने अपनी शुरुआती पढ़ाई बंगलुरू में स्थित दक्षिणी एशिया बाइबिल कॉलेज से की थी। इसके बाद उन्होंने ऑक्सफोर्ड के वाइक्लिफ हॉल में मंत्रालय के लिए प्रशिक्षण प्राप्त किया था। उन्होंने ब्लैकबर्न सूबे में सेंट थॉमस, लैंकेस्टर में अपनी सेवाएं दी हैं और साल 2009 में उन्हें इंग्लैंड के चर्च में पादरी नियुक्त किया गया था।