विदेश मंत्री जयशंकर बोले- वैश्विक संकटों के दौरान सबसे पहले प्रतिक्रिया देने वाला देश रहा भारत

'सबका साथ, सबका विश्वास, सबका विश्वास' का जिक्र करते हुए जयशंकर ने कहा कि बड़े व जटिल मुद्दों का समाधान ढूंढते हुए हम 'सबका प्रयास' में भी विश्वास करते हैं। भारत 'वैक्सीन मैत्री' को अपनी एक प्रमुख उपलब्धि के तौर पर देखता है।

विदेश मंत्री जयशंकर बोले- वैश्विक संकटों के दौरान सबसे पहले प्रतिक्रिया देने वाला देश रहा भारत

भारत में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सरकार के आठ साल पूरे होने का जश्न मनाने के लिए आयोजित एक कार्यक्रम में विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने कहा कि कई परिस्थितियों में भारत पहली प्रतिक्रिया देने वाला देश रहा है और हम वैश्विक उम्मीदों को लेकर सक्षम व संवेदनशील हैं।

संकटग्रस्त देशों की मदद करने के लिए भारत की तैयारी के बारे में बात करते हुए जयशंकर ने कहा कि नेपाल में भूकंप के दौरान प्रतिक्रिया देने वाला भारत पहला देश था। इसके अलावा यमन में संघर्ष, मालदीव में जल संकट, श्रीलंका में भूस्खलन, म्यांमार में तूफान और मोजांबिक में बाढ़ की घटनाएं भी इसके उल्लेखनीय उदाहरण हैं।

'सबका साथ, सबका विश्वास, सबका विश्वास' का जिक्र करते हुए जयशंकर ने कहा कि बड़े व जटिल मुद्दों का समाधान ढूंढते हुए हम 'सबका प्रयास' में भी विश्वास करते हैं। उन्होंने कहा कि हमने 98 देशों को मेड इन इंडिया कोविड-19 रोधी टीकों की आपूर्ति की है। इस संकट के समय में हमारे मेडिकल अधिकारी पूरी दुनिया में योगदान दे रहे हैं।

जयशंकर ने कहा कि भारत 'वैक्सीन मैत्री' को अपनी एक प्रमुख उपलब्धि के तौर पर देखता है। इस पहल की शुरुआत विभिन्न देशों को कोरोना टीकों की आपूर्ति करने के लिए की गई थी। हमारी विदेश नीति की सोच अधिक वैचारिक और परिचालन स्पष्टता प्रदर्शित कर रही है। भारत उन वैश्विक चिंताओं पर पहल करने के लिए तत्पर है जो असल में परिणामी हैं। विदेश मंत्री ने यह भी कहा कि हमारी गई गतिविधियों ने उस महत्व को प्रदर्शित किया है जो हम कूटनीति को विकास के लिए देते हैं।

इसके साथ ही उन्होंने संयुक्त राष्ट्र (UN) की भूमिका को लेकर अपनी असंतुष्टि भी जाहिर की। जयशंकर ने कहा कि भारत ने यूएन को हमेशा वैश्विक शांति और सुरक्षा विकास के लिए महत्वपूर्ण माना है। हम इस समय संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) के अस्थायी सदस्य हैं। हमारे काम हमेशा यूएन के प्रति सहयोगी रहेंगे लेकिन इसके घटते प्रभाव को लेकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय असंतुष्ट है। इसमें सुधार लाने की जरूरत है ताकि यूएन और मजबूत हो सके।

बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में भाजपा ने साल 2014 में सरकार बनाई थी और 2019 के लोकसभा चुनाव में भी बड़ी जीत हासिल की थी। सत्ता में आठवीं सालगिरह मनाने के लिए पार्टी एक विशेष कार्यक्रम भी आयोजित कर रही है जिसकी शुरुआत 30 मई को हुई थी और इसका समापन 14 जून को होगा।