भारत के पासपोर्ट की रैकिंग सुधारेगा ई-पासपोर्ट, जानिए और भी क्या होंगे लाभ

अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन (ICAO) के अनुसार संयुक्त राष्ट्र अमेरिका समेत 100 से अधिक देश वर्तमान में ई-पासपोर्ट जारी करते हैं। विश्व भर में ऐसे पासपोर्ट की संख्या प्रचलन में 49 करोड़ से अधिक है। पड़ोसी मुल्क नेपाल ने भी ई-पासपोर्ट जारी करने की अपनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।

भारत के पासपोर्ट की रैकिंग सुधारेगा ई-पासपोर्ट, जानिए और भी क्या होंगे लाभ

भारत सरकार उन सभी नागरिकों को ई-पासपोर्ट जारी करने के लिए तैयार है जो या तो नए पासपोर्ट के लिए आवेदन कर रहे हैं या भर चुकी पासपोर्ट की किताब को फिर से जारी करने के लिए आवेदन करने की तैयारी में हैं। अब ई-पासपोर्ट आ रहा है, इससे अंतरराष्ट्रीय यात्रा आसान होगी बल्कि यह आव्रजन के मार्ग को भी सुगम बनाएगा। क्यों जरूरी है ई-पासपोर्ट, क्या है ई-पासपोर्ट की विशेषता। जानिए इंडियन स्टार हिंदी की इस खास खबर से।

भारत और विदेशों में पासपोर्ट जारी करने वाले प्राधिकरणों PIA द्वारा वर्ष 2019 में 12.8 मिलियन (1.28 करोड़ ) से अधिक पासपोर्ट जारी किए गए थे। यह संख्या दुनिया में तीसरे नंबर पर सबसे अधिक है। पासपोर्ट जारी करने वालों में भारत सिर्फ चीन और संयुक्त राज्य अमेरिका से पीछे है। हालांकि फिर भी भारत के पासपोर्ट की रैकिंग 90 है।

वर्तमान में भारतीय नागरिकों को जारी किए गए पासपोर्ट पुस्तिकाओं पर मुद्रित होते हैं। सरकार उन्हें अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन (ICAO) द्वारा निर्धारित अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप अपग्रेड करने में लगी है। इसके लिए दो तरह से पासपोर्ट में बदलाव किए जा रहे हैं। पहला ई-पासपोर्ट है जो पासपोर्ट बुकलेट में इलेक्ट्रॉनिक चिप को एम्बेड करके पारंपरिक गैर-इलेक्ट्रॉनिक पासपोर्ट में सुरक्षा की एक परत को जोड़ता है। इसमें दूसरे पन्ने पर दिखाई देने वाली पासपोर्ट धारक की सभी जानकारी होगी साथ ही यह एक डिजिटल सुरक्षा सुविधा भी मुहैया करेगा। इसमें डिजिटल हस्ताक्षर भी होंगे। भारत ने परीक्षण के आधार पर 20,000 आधिकारिक और राजनयिक ई-पासपोर्ट जारी किए थे, जिनमें इलेक्ट्रॉनिक माइक्रोप्रोसेसर चिप लगा हुआ था। दूसरी योजना पूरी तरह से डिजिटल पासपोर्ट पेश करने की है जिसे मोबाइल फोन पर भी ले जाया जा सकता है।

क्या अन्य देश ई-पासपोर्ट का उपयोग करते हैं?