बधाई: UNESCO ने बंगाल की दुर्गा पूजा को सांस्कृतिक विरासत का दर्जा दिया

यूनेस्को ने दुनियाभर की कुछ खास अमूर्त सांस्कृतिक विरासतों (Intangible Cultural Heritage) की बेहतर सुरक्षा और उनके महत्व के बारे में दुनिया को जागरुक करने के लिए वर्ष 2008 में अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की सूची बनाई थी।

बधाई: UNESCO ने बंगाल की दुर्गा पूजा को सांस्कृतिक विरासत का दर्जा दिया

भारतीयों की प्रतिभा के साथ-साथ भारत देश के पर्वों और परंपराओं को भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिल रही है। यूनेस्को ने बंगाल में बड़े पैमाने पर मनाए जाने वाले भारतीय त्योहार दुर्गा पूजा को अपनी 'मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत' लिस्ट में शामिल किया है। बता दें कि इस लिस्ट में साल 2016 में नवरोज और योग को भी शामिल किया गया था। इसके अलावा वर्ष 2008 में रामलीला और 2017 में कुंभ मेले को भी इस महत्वपूर्ण लिस्ट में जगह मिल चुकी है।

बंगाल सरकार का कहना है कि इससे दुर्गा पूजा को विश्व स्तर पर मान्यता मिली। सभी फाइल फोटोः इंडियन स्टार हिंदी

बुधवार को फ्रांस के पेरिस में आयोजित अंतर सरकारी समिति के 16वें सत्र में 48 प्रस्ताव में से दुर्गा पूजा को यूनेस्को ने सांस्कृतिक विरासत की लिस्ट में शामिल करने की घोषणा की। यूनेस्को ने अपनी साइट पर कोलकाता की दुर्गा पूजा को लेकर लिखा, 'दुर्गा पूजा को धर्म और कला के जन-भागीदारी के सबसे अच्छे उदाहरण के साथ-साथ सहयोगी कलाकारों और डिजाइनरों के लिए एक बड़े मौके के रूप में देखा जाता है।’ यूनेस्को ने कहा कि हम भारत और भारतीयों को शुभकामनाएं देते हैं।

यूनेस्को ने कहा कि हम भारत और भारतीयों को शुभकामनाएं देते हैं।