मछुआरों की हत्या के आरोपी दो नौसैनिकों के खिलाफ इटली ने बंद किया मामला

सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में यह भी कहा था कि इटली की सरकार को दोनों नौसैनिकों के खिलाफ अपने न्याय क्षेत्र में तत्काल आपराधिक कार्यवाही शुरू करनी चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय अधिकारियों को निर्देश दिया था कि वह इस मामले में इटली को सभी सबूत उपलब्ध कराएं।

मछुआरों की हत्या के आरोपी दो नौसैनिकों के खिलाफ इटली ने बंद किया मामला

फरवरी 2012 में दो भारतीय मछुआरों की हत्या के आरोप में भारत में गिरफ्तार किए गए इटली के दो नौसैनिकों के खिलाफ मामले को बंद कर दिया है। रोम में एक अदालत ने दोनों के खिलाफ मामले को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि भारत के सुप्रीम कोर्ट में कार्यवाही पहले ही बंद की जा चुकी है। बता दें कि भारतीय सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल जून में साल 2012 में हुई केरल के दो मछुआरों की हत्या के मामले में आरोपी इतालवी नौसैनिकों पर भारत में चल रहे आपराधिक मुकदमे को बंद कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने यह फैसला केंद्र सरकार की याचिका पर विचार करने के बाद लिया था।

भारत सरकार ने इटली की ओर से पीड़ितों के परिवार को 10 करोड़ रुपये की मुआवजा राशि को स्वीकार किया था, जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने मामला बंद कर दिया था। इटली के रक्षा मंत्री लोरेंजो गुएरिन ने सल्वाटोर गिरोन और मैसिमिलानो लेटोर के लिए सकारात्मक परिणाम का स्वागत किया। भारतीय सुप्रीम कोर्ट ने इटली द्वारा भुगतान किए गए 10 करोड़ रुपये की मुआवजा राशि को केरल हाईकोर्ट को हस्तांतरित करने का निर्देश दिया है। तय व्यवस्था के अनुसार चार-चार करोड़ रुपये दोनों पीड़ित परिवारों को दिए जाएंगे, जबकि नाव के मालिक को दो करोड़ रुपये दिए जाएंगे।