बढ़ती गरमी और पसरता पानी धरती के लिए बनेगा आफत, बजी खतरे की घंटी

यूएन महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने वर्किंग समूह की इस रिपोर्ट को मानवता के लिये बेहद चिन्ताजनक क़रार दिया है।

बढ़ती गरमी और पसरता पानी धरती के लिए बनेगा आफत, बजी खतरे की घंटी
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ग्लोबल वार्मिंग यानी धरती का तापमान बढ़ने का खतरा हमारी आशंकाओं से भी कहीं ज्यादा गहरा है। संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन पैनल की ताजा रिपोर्ट में कहा गया है कि शहर ग्लोबल वार्मिंग के हॉटस्पॉट बन गए हैं, क्योंकि वहां वातावरण को ठंडा रखने के पानी और वनस्पति के स्रोतों की कमी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि वैश्विक स्तर पर समुद्र का जल स्तर 1901 से 2018 के बीच औसतन 0.20 मीटर बढ़ा है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि धरती का तापमान 2030 तक 1.5 डिग्री सेल्सियस बढ़ जाएगा। जो पहले लगाए गए अनुमानों से दस साल पहले का वक्त है।

पृथ्वी पर पानी का स्तर लगातार बढ़ रहा है जो आने वाले समय में मनुष्य जाति के लिए घातक होगा।

संयुक्त राष्ट्र के जलवायु परिवर्तन पर अंतर सरकारी पैनल ने अपनी छठी आकलन रिपोर्ट सोमवार को जारी की। भारत भी इस पैनल का हिस्सा है। इस अध्ययन के तहत वैज्ञानिकों ने दुनिया भर में धरती की जलवायु और इको-सिस्टम का आकलन किया।