यूएई की जेल में 7 साल से बंद है बेटा, मां ने भारत सरकार से क्या की गुजारिश

शाहुबनाथ बीवी का कहना है कि यूएई में उसके बेटे को गंभीर यातनाओं से गुजरना पड़ रहा है और भारत सरकार की ओर से उसे किसी भी प्रकार की मदद नहीं की जा रही है। केंद्र सरकार का कहना है कि यूएई में भारतीय दूतावास ने जमाल मोहम्मद को बचाने के लिए वह सब कुछ किया जो किया जा सकता था।

यूएई की जेल में 7 साल से बंद है बेटा, मां ने भारत सरकार से क्या की गुजारिश
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यूएई में 10 साल की सजा काट रहे शिहानी मीरा साहिब जमाल मोहम्मद की मां की आंखें अपने बेटे से मिलने के लिए बेचैन है। जमाल मोहम्मद को वर्ष 2015 में भारत के लिए जासूसी करने के आरोप में दस साल की सजा सुनाई गई थी। तब से वह यूएई की ही जेल में बंद है। इस बीच मां शाहुबनाथ बीवी अपने बेटे की रिहाई के लिए कोर्ट से लेकर सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रही हैं। मां की पीड़ा ये है कि उन्हें अपने बेटे से मिलने के लिए अभी और कितना इंतजार करना होगा। इस मामले में केरल उच्च न्यायालय ने भारत के विदेश मंत्रालय (एमईए) को निर्देश दिया है कि वह मां के आवेदन पर तीन महीने के अंदर फैसला करे।

उच्च न्यायालय ने मंत्रालय को निर्देश दिया कि पिछले साल 11 जून को महिला की ओर से किए गए आवेदन पर जल्द विचार करे। अदालत ने निर्देश दिया कि मंत्रालय फैसला लेने से पहले महिला की ऑनलाइन सुनवाई करे। इससे पहले पिछले साल दिसंबर में केंद्र सरकार ने अदालत को बताया था कि शाहुबनाथ बीवी को अपने बेटे को देखने के लिए साल 2025 तक इंतजार करना होगा। क्योंकि वह सितंबर 2025 में रिहा होगा और इसके बाद उसे भारत वापस लाया जाएगा।