भारत की पहल ने जीता दिल, उच्चायुक्त से मिल जयसूर्या ने कही यह बात

क्रिकेटर सनत जयसूर्या का कहना है कि अब तक दी गई मदद और सहायता के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत सरकार का दिल से आभार जताता हूं। हमारे देशों के बीच की दोस्ती और मजबूत हो। श्रीलंका के सांसदों ने भी श्रीलंका के साथ खड़े होने के लिए भारत के लोगों के प्रति आभार जताया है।

भारत की पहल ने जीता दिल, उच्चायुक्त से मिल जयसूर्या ने कही यह बात
भारतीय उच्चायुक्त से मिलने पहुंचे सनत जयसूर्या

दिवालियापन की कगार पर खड़े श्रीलंका को भारत लगातार मदद मुहैया करा रहा है, चाहे राशन हो या ईंधन या फिर मानवीय सहायता, भारत की ओर से मिलने मदद में कोई कमी नहीं आई है। पड़ोसी देश भारत की इस मानवीय पेशकश से श्रीलंका के आम और खास हर व्यक्ति अभिभूत है। भारत के कद्रदानों में वहां के सांसद और पूर्व क्रिकेटर सनत जयसूर्या भी हैं जिन्होंने गुरुवार को भारतीय उच्चायुक्त गोपाल बागले से मुलाकात की और भारत की तारीफ के पुल बांधे।

जब गिफ्ट में बैट लेकर उच्चायुक्त से मिलने पहुंचे सनत

अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी के लिए पहचाने जाने वाले श्रीलंकाई क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सनत जब उच्चायुक्त बागले से मिलने उनके आवास पहुंचे तो उनके हाथ में एक बैट भी था। इस मुलाकात के बाद उन्होंने एक तस्वीर भी माइक्रोब्लॉगिंग साइट ट्विटर पर साझा की और लिखा, 'इस महत्वपूर्ण मोड़ पर मेरे साथ समय बिताने के लिए मैं गोपाल बागले जी को विशेष रूप से धन्यवाद देता हूं। अब तक दी गई मदद और सहायता के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत सरकार का दिल से आभार जताता हूं। हमारे देशों के बीच की दोस्ती और मजबूत हो।'

वहीं भारतीय उच्चायोग ने बयान जारी कर कहा, 'उच्चायुक्त ने महान क्रिकेटर सनत जयसूर्या से मुलाकात की और खेल और श्रीलंका में उनकी उपलब्धियों की प्रशंसा की। सनत ने दवाई  सहित जरूरी आपूर्ति के रूप में दी जा रही भारत की मदद सराहना की।'

मुश्किल में दिया साथ,  भारत के लोगों को सलाम

यह भारत की दरियादिली का ही नतीजा है, जिसके चलते श्रीलंकाई सांसदों का ग्रुप उच्चायुक्त बागले से मिलने पहुंचा। उच्चायुक्त ने सांसदों का स्वागत किया और यह दोहराया कि भारत श्रीलंका की मदद के लिए प्रतिबद्ध है। सांसदों ने  श्रीलंका के साथ खड़े होने के लिए भारत के लोगों के प्रति आभार जताया। उन्होंने हालांकि साथ ही श्रीलंका की मौजूदा आर्थिक स्थिति और राजनीतिक हालातों पर भी चर्चा की।

आखिर श्रीलंका क्यों न हो भारत का मुरीद

अपने फायदे के लिए श्रीलंका का इस्तेमाल कर संकट की घड़ी में जब चीन ने उसका साथ छोड़ दिया तो भारत ने मदद के हाथ आगे बढ़ाए। भारत की पहल इसलिए भी सराहनीय है क्योंकि उसने मुश्किल की घड़ी में पुराने विवादों को दरकिनार कर पहले इस बात पर ध्यान केंद्रित किया कि किस तरह श्रीलंका की बेहाल जनता तक राहत पहुंचाई जाए। इसलिए अब तक हजारों टन अनाज, ईंधन, दवाइयों की आपूर्ति की गई है जबकि श्रीलंका कई इलाकों में फूड पैकेट बांटने का सिलसिला जारी है।

ईद पर भारत की खास 'ईदी'

ईद पर बडो़ं द्वारा अपने छोटों को ईदी के रूप में खास तोहफा देने का रिवाज है। भारत श्रीलंका के लिए बड़े भाई की भूमिका में खड़ा है। ईद से ठीक पहले आम्पारा जिले में  सुविधाविहीन लोगों के बीच राशन बांटा गया ताकि वे ईद पर किसी तरह की कमी न हो। भारतीय उच्चायोग के मुताबिक, ' श्रीलंका में भारत सरकार द्वारा चलाए जा रहे मानवतावादी सहायता कार्यक्रम के तहत सेकेंड सेक्रेट्री अशोक कुमार ने आम्पारा जिले के कालमुनाई में विधवा महिलाओं और जरूरतमंद परिवारों को सूखा राशन बांटा। यह खास अभियान लाभान्वितों को ईद से पहले जरूरी सामान पहुंचाने के लक्ष्य के लिए चलाया गया। '

बता दें कि भारत ने इसी महीने सिन्हाली नववर्ष के दौरान  16,000 मीट्रिक टन अनाज कोलंबो भेजा था, जबकि उच्चायोग के कर्मचारियों ने नववर्ष और ईस्टर के मौके पर आम लोगों को राशन बांटे थे।