न्यूयॉर्क में घर में लगी आग, भारतीय मूल के परिवार के 3 सदस्यों की दर्दनाक मौत

पड़ोसियों और रिश्तेदारों के हवाले से इस जोड़े की पहचान नंदा बालो पर्सौद और बोनो सलीमा 'सैली' पर्सौड के रूप में की है। उनके 22 वर्षीय बेटे डेवोन पर्सौद का शव अगले दिन ही मिला था। अधिकारियों ने इस आग को फाइव-अलार्म फायर के रूप में वर्गीकृत किया था जो तेज हवा के झोंकों से चार अन्य घरों में फैल गई।

न्यूयॉर्क में घर में लगी आग, भारतीय मूल के परिवार के 3 सदस्यों की दर्दनाक मौत

न्यूयॉर्क शहर में एक घर में आग लगने से एक भारतीय मूल के दंपति और उनके बेटे की मौत की खबर से भारतीय प्रवासियों के बीच गम का माहौल है। WPIX टीवी स्टेशन ने बताया कि शुक्रवार दोपहर जब दमकलकर्मी गाड़ी घर पर पहुंची तो घर आग की लपटों में घिरा हुआ था। घर के दो सदस्यों की बॉडी उन्हें फ्लैट के बेसमेंट में मिली जबकि तीसरा शव दमकमल कर्मियों को अगले दिन मिला।

द न्यू यॉर्क पोस्ट ने पड़ोसियों और रिश्तेदारों के हवाले से इस जोड़े की पहचान नंदा बालो पर्सौद और बोनो सलीमा 'सैली' पर्सौड के रूप में की है। उनके 22 वर्षीय बेटे डेवोन पर्सौद का शव अगले दिन ही मिला था। WPIX ने बताया कि इस घटना को अधिकारियों ने फाइव-अलार्म फायर के रूप में वर्गीकृत किया था जो तेज हवा के झोंकों से चार अन्य घरों में फैल गई।

WPIX ने बताया कि नौ परिवारों के 29 वयस्क और 13 बच्चे आग की चपेट में आ गए हैं जबकि कई दमकलकर्मी घायल हो गए हैं। न्यूयॉर्क पोस्ट ने इस मसले पर कहा है कि रिश्तेदारों के अनुसार नंदा पर्सौद दवा बनाने वाली कंपनी से सेवानिवृत्त हुए थे जबकि उनकी पत्नी जेएफके हवाई अड्डे पर काम करती थीं।

बता दें कि Gofundme वेबसाइट पर परिवार के लिए एक ऑनलाइन अनुदान संचय ने सोमवार सुबह तक 529 दान से 42,666 डॉलर जुटाए गए हैं। वेबसाइट पर 60,000 डॉलर जुटाए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। सलीमा पर्सौद के चचेरे भाई आबिद अली ने इस फंडरेज को वेबसाइट पर डाला है। आबिद लिखते हैं कि वे एक परिवार थे जिन्होंने कड़ी मेहनत की और एक विनम्र पृष्ठभूमि से ताल्लुक रखते हैं।

उन्होंने लिखा कि वे हमेशा बहुत स्वागत करते थे, सभी को परिवार की तरह मानते थे और हमेशा हर किसी के चेहरे पर मुस्कान लाने की पूरी कोशिश करते थे। उनके मुताबिक उनके परिवार के कई सदस्य गुयाना में हैं। उनका घर शहर के क्वींस बोरो में एक पड़ोस में स्थित है जहां भारतीय मूल के कई परिवार गुयाना से आकर बस गए हैं।