भारत के शक्तिशाली होने में भारतवंशियों को अहम मान रहे दिग्गज कारोबारी

रंगास्वामी ने कहा, मुझे लगता है कि अगले 10 साल भारत के लिए काफी अहम होंगे। भारत में प्रत्येक क्षेत्र चाहे वह औषधि हो या टेलीमेडिसिन, ई-कॉमर्स या लॉजिस्टिक्स डिजिटल और प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल हो रहा है। बाजार के हर क्षेत्र, यहां तक कि किराना दुकानों में भी इनका इस्तेमाल हो रहा है।

भारत के शक्तिशाली होने में भारतवंशियों को अहम मान रहे दिग्गज कारोबारी

भारतीय मूल के अमेरिकी पूंजीपति एम आर रंगास्वामी का मानना है कि भारत अगले दशक में दुनिया की एक बड़ी शक्ति के रूप में उभरकर सामने आएगा। उनका कहना है कि वैश्विक स्तर पर भारत की भूमिका लगातार बढ़ रही है। दुनियाभर में फैले हुए भारतीय मूल के करीब 3.2 करोड़ लोग भी भारत को वैश्विक महत्ता देने में बड़ी भूमिका निभाएंगे। अमेरिका में भारतीय समुदाय के एक प्रमुख नेता माने जाने वाले रंगास्वामी ने कहा कि विदेशी धरती पर भारतीय कारोबार लगातार फल-फूल रहे हैं।

रंगास्वामी सॉफ्टवेयर परामर्श एवं निवेश कंपनी सैंडहिल ग्रुप के संस्थापक सदस्य हैं। उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि भारत के एक वैश्विक शक्ति बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसकी झलक भारत के पड़ोस में ही देख सकते हैं। संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान का परिसर खुलना, श्रीलंका में भारत के आधार की तर्ज पर नागरिकों की पहचान व्यवस्था और नेपाल में यूपीआई आधारित भुगतान प्रणाली की शुरुआत जैसी घटनाएं एक-दूसरे से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने कहा, हाल के घटनाक्रम ऊपर से देखने में एक-दूसरे से अलग-अलग लग सकते हैं। लेकिन अगर सबको एक साथ रखकर देखें तो आपको मौजूद संभावनाएं नजर आने लगेंगी। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि मुझे आने वाले समय में भारत का प्रभाव अफ्रीका, दक्षिण-पूर्व एशिया, लातिनी अमेरिका और कई अन्य क्षेत्रों तक पहुंचता दिख रहा है।