ऑस्ट्रेलिया में राजनेता भारतीय मूल के लोगों को इसलिए लुभाने में जुट गए हैं

प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन ने कहा कि वह प्रिय मित्र भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गृह राज्य गुजरात से व्यंजन बना रहे हैं। भारतीयों को लुभाने में मॉरिसन ही अकेले नहीं हैं। मजदूर नेता एंथनी अल्बनीज को एक हिंदू मंदिर में देखा गया।

ऑस्ट्रेलिया में राजनेता भारतीय मूल के लोगों को इसलिए लुभाने में जुट गए हैं

ऑस्ट्रेलिया में 21 मई को संघीय चुनाव होंगे। ऐसे में वहां के राजनीतिज्ञ ऑस्ट्रेलिया में बड़ी तादाद में बसे भारतीयों का ध्यान आकर्षित करने के लिए तमाम तरह के प्रयत्न कर रहे हैं। प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन ने ऑस्ट्रेलिया के भारत के साथ हाल ही में हुए मुक्त-व्यापार समझौते का जश्न मनाने के दौरान करी पकाते हुए एक इंस्टाग्राम सेल्फी पोस्ट की थी। इसे सबसे अधिक रीट्वीट किया गया है।

प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन गुजरात के व्यंजन के साथ।

चुनाव की घोषणा से ठीक एक दिन पहले इस तस्वीर पोस्ट करते हुए मॉरिसन ने कहा कि वह प्रिय मित्र भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गृह राज्य गुजरात से व्यंजन बना रहे हैं। भारतीयों को लुभाने में मॉरिसन ही अकेले नहीं हैं। मजदूर नेता एंथनी अल्बनीज को एक हिंदू मंदिर में देखा गया। जहां उन्होंने कहा, आपके (हिंदुओं) बिना ऑस्ट्रेलिया की कल्पना नहीं कर सकते हैं। लेबर पार्टी के एक उम्मीदवार एंड्रयू चार्लटन ने भी सिडनी में श्री स्वामीनारायण मंदिर में भारतीय मूल के उपासकों के साथ संपर्क बनाने में देरी नहीं की।

इससे पहले चुनावों के दौरान ऑस्ट्रेलिया की मीडिया का ध्यान चीनी मूल के नागरिकों पर रहता था। लेकिन अब भारतीय मूल के नागरिक ऑस्ट्रेलिया की राजनीति का केंद्रबिंदु बन गए हैं। भारतीय मूल के मतदाताओं और उम्मीदवारों को महत्व दिया जा रहा है। चीन के साथ दोस्ती की वजह से जिसने कभी अपने राष्ट्रपति शी जिनपिंग को ऑस्ट्रेलियाई संसद को संबोधित करते देखा था, लेकिन अब वो बात नहीं रह गई है। एक प्रमुख चीनी मूल के राजनेता को बीजिंग शासन के करीब होने के कारण उन पर किए गए हमलों के बाद पीछे हटने के लिए मजबूर होना पड़ा।

इसकी वजह ये है कि भारत से ऑस्ट्रेलिया में जाकर बसे लोगों की संख्या में हाल के वर्षों में काफी इजाफा देखने को मिला है। 2010 में भारतीय मूल के ऑस्ट्रेलियाई लोगों की संख्या 3.30 लाख थी। जो 2022 में बढ़कर करीब आठ लाख हो गई है। अमेरिका की तरह ऑस्ट्रेलिया के कुछ निर्वाचन क्षेत्रों में भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई लोगों ने निर्णायक बढ़त बना ली है। यही कारण है कि पीएम मॉरिसन ने पिछले साल इस बात को स्वीकार किया था कि वह बॉलीवुड गानों के दीवाने हैं। पश्चिमी सिडनी में हैरिस पार्क को स्थानीय रूप से ‘छोटा भारत’ कहा जाता है। चुनावों की घोषणा के बाद मॉरिसन की पार्टी की उम्मीदवार मारिया कोवासिक भारतीय समुदाय के नेताओं से मिलने आई थीं।

गौरतलब है कि स्कॉट मॉरिसन ऑस्ट्रेलिया के 30वें और वर्तमान प्रधानमंत्री के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने अगस्त 2018 में ऑस्ट्रेलिया की लिबरल पार्टी के नेता के रूप में  पदभार ग्रहण किया था। वहीं, उनके विपक्ष में लेबर पार्टी है जो कि उन्हें टक्कर देती दिख रही है। लेबर पार्टी के मुख्य नेता एंथनी अल्बनीज हैं।