घर में सब डॉक्टर थे, लेकिन खुद बनीं पाकिस्तान की पहली हिंदू महिला डीएसपी

यह बात किसी से छिपी नहीं है कि पाकिस्तान के पुरुषवादी समाज और संस्कृति में किसी महिला का पुलिस जैसे पेशे को चुनना अत्यधिक कठिन काम है।

घर में सब डॉक्टर थे, लेकिन खुद बनीं पाकिस्तान की पहली हिंदू महिला डीएसपी

किसी भी अल्पसंख्यक समाज में एक महिला का तरक्की करना कितना कठिन होता है इसे कुछ हद तक तो समझा जा सकता है लेकिन पुलिस जैसे पुरुषवादी महकमे में आला मुकाम हासिल करना अपवाद के तौर पर ही सामने आता है। ऐसा ही एक अपवाद हैं मनीषा रोपेटा।

उनकी चर्चा केवल इसलिए नहीं है क्योंकि वह सिंध पुलिस में एक अधिकारी हैं बल्कि इस नाते भी है कि वह पाकिस्तान की पहली हिंदू महिला डीएसपी हैं। हैरानी यह भी कम नहीं कि उनकी पारिवारिक पृष्ठभूमि चिकित्सकों की है। यह बात किसी से छिपी नहीं है कि पाकिस्तान के पुरुषवादी समाज और संस्कृति में किसी महिला का पुलिस जैसे पेशे को चुनना अत्याधिक कठिन काम है।