क्या बनेगी बात: LAC विवाद के बीच भारत के दौरे पर आ सकते हैं चीन के विदेश मंत्री

प्रस्तावित यात्रा के बारे में पूछे जाने पर चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियन ने कहा कि हम समय पर सूचना जारी करेंगे। साल 2020 की शुरुआत में कोरोना के प्रकोप के बाद से दोनों पक्षों की ओर से कोई उच्च स्तरीय द्विपक्षीय यात्रा नहीं हुई है।

क्या बनेगी बात: LAC विवाद के बीच भारत के दौरे पर आ सकते हैं चीन के विदेश मंत्री

लगातार दो साल से लद्दाख में एलएसी पर चीन और भारत की सेना एक दूसरे के सामने खड़ी हैं। ऐसे वक्त में चीन ने भारत से वार्ता शुरू करने के लिए कई कार्यक्रमों का प्रस्ताव रखा है, जिसकी शुरुआत दोनों पक्षों की ओर से संभावित उच्चस्तरीय यात्राओं से होगी। खबर है कि बीजिंग ने इस महीने की शुरुआत में चीनी स्टेट काउंसलर और विदेश मंत्री वांग यी की भारत यात्रा का प्रस्ताव रखा है। इसके बाद विदेश मंत्री एस जयशंकर को पारस्परिक यात्रा करनी है। चीनी पक्ष ने राष्ट्रपति शी जिनपिंग के शासन में अपने शीर्ष पोलित ब्यूरो सदस्यों और प्रमुख अधिकारियों द्वारा उच्च स्तरीय यात्राओं की एक श्रृंखला का भी प्रस्ताव रखा है।

सितंबर 2020 में भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर और वांग ने शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के एक सम्मेलन के दौरान मास्को में व्यापक बातचीत की थी।

चीनियों ने दोनों देशों में भारत-चीन सभ्यता संवाद आयोजित करने का भी प्रस्ताव रखा है। उन्होंने भारत चीन व्यापार और निवेश सहयोग मंच और एक भारत-चीन फिल्म मंच का भी प्रस्ताव रखा है। हालांकि भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) द्वारा इसकी कोई पुष्टि नहीं की गई है। लेकिन यह पता चला है कि चीन ने इस महीने की शुरुआत में 26 मार्च को अपनी नेपाल यात्रा से पहले भारत को वांग की यात्रा का प्रस्ताव दिया था। वांग की यात्रा के बारे में मीडिया में रिपोर्टों के बारे में पूछे जाने पर मंत्रालय से जुड़े सूत्रों ने कहा कि अभी कुछ भी फाइनल नहीं हुआ है। लेकिन वांग की प्रस्तावित यात्रा अगर होती है तो दोनों पक्षों को यूक्रेन में संकट पर विचारों का आदान-प्रदान करने का अवसर मिलने की भी उम्मीद है।