जगी उम्मीद, एक साल के भीतर चंडीगढ़ से कनाडा और यूके लिए सीधी उड़ान

चंडीगढ़ हवाईअड्डा से यूके, कनाडा, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों के लिए सीधी उड़ान की मांग वर्षों पुरानी है। फिलहाल चंडीगढ़ से सिर्फ एक अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट शारजाह के लिए हैं। ब्रिटिश उच्चायोग ने सीधी लंदन-चंडीगढ़ उड़ान के प्रस्ताव पर चर्चा करने का वादा किया है। इसमें आठ महीने लगेंगे।

जगी उम्मीद, एक साल के भीतर चंडीगढ़ से कनाडा और यूके लिए सीधी उड़ान

राजनेता और अधिकारी हमेशा ये आश्वासन देते रहे हैं कि भारत के चंडीगढ़ अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे से कनाडा, यूरोप, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के फ्लाइट जल्द शुरू करवाएंगे। बावजूद इसके इन देशों के लिए अब तक कोई अंतरराष्ट्रीय उड़ान शुरू नहीं हो पाई। लेकिन इस बार गंभीर कवायद शुरू हो गई है। यहां के हवाईअड्डा अधिकारियों का कहना है कि ब्रिटेन और कनाडा से सीधी उड़ानें एक साल के भीतर शुरू हो सकती हैं। इससे चंडीगढ़ और आसपास के लोगों में एक बार बार फिर उम्मीद जगी है।

इसकी वजह बताते हुए अधिकारियों का कहना है कि हवाईअड्डा के रनवे को अब एप्रेन के साथ सीधा जोड़ दिया गया है। जिस वजह से अब यहां किसी भी विमान को लैंडिंग और टेकऑफ करने के लिए इंतजार नहीं करना होगा। इसके साथ ही इस हवाई अड्डे को एयरबस 330, एयरबस 340, एयरबस 380, बोइंग 777 और बोइंग 787 जैसे व्यापक विमानों के लिए सक्षम बना दिया गया है। इस बदलाव से उड़ानों के लिए दृश्यता की स्थिति में भी सुधार हुआ है।

हवाई अड्डे को एयरबस 330, एयरबस 340, एयरबस 380, बोइंग 777 और बोइंग 787 जैसे व्यापक विमानों के लिए सक्षम बना दिया गया है। 

हवाईअड्डे के सीईओ राकेश डेंबाला ने बताया कि हवाईअड्डे पर कम से कम 350 मीटर लैंडिंग विजिबिलिटी है। बड़े विमानों के लिए न्यूनतम रनवे लंबाई 10,000 फीट है। हालांकि, उन्होंने बताया कि रनवे की लंबाई बढ़ाकर 10,400 फीट कर दी गई है। उन्होंने बताया कि हम चंडीगढ़ हवाई अड्डे पर बड़े विमानों को संभालने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। हम अंतरराष्ट्रीय विमानन कंपनियों और अधिकारियों के साथ बैठक कर रहे हैं और उन्हें ब्रिटेन और कनाडा से आने वाले विमानों की अनुमति देने के लिए राजी कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि ब्रिटिश उच्चायोग ने सीधी लंदन-चंडीगढ़ उड़ान के प्रस्ताव पर चर्चा करने का वादा किया है। इस प्रक्रिया में लगभग आठ महीने लगेंगे। लंदन के हीथ्रो हवाईअड्डा या बर्मिंघम से सीधी उड़ान के लिए सबसे अधिक संभावना हो सकती है।

दरअसल, चंडीगढ़ हवाईअड्डा से यूके, कनाडा, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों के लिए सीधी उड़ान की मांग वर्षों पुरानी है। मौजूदा समय में चंडीगढ़ से सिर्फ एक अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट शारजाह के लिए हैं। टूर एंड ट्रैवल्स कंपनियों का कहना है कि कनाडा, अमेरिका, यूरोप, आस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, दुबई, सिंगापुर और थाईलैंड जैसे देशों में यहां के लाखों लोग काम करते हैं। लाखों छात्र पढ़ाई करने के लिए विदेश जाते हैं। क्षेत्र के लोगों की खर्च करने की क्षमता है, विमान कंपनियों को ग्रोथ के लिए अपार संभावनाएं हैं। उन्हें चंडीगढ़ एयरपोर्ट से अंतरराष्ट्रीय उड़ान शुरू करनी चाहिए।