विदेशों में स्थित सीबीएसई स्कूलों के रिजल्ट 2019 के बाद सबसे खराब आए हैं

इस साल लगभग 44,000 विदेशी छात्रों ने सीबीएसई कक्षा 10 और 12 बोर्ड परीक्षाओं के लिए पंजीकरण कराया था जिसमें कक्षा 12 के लिए 18,834 और कक्षा 10 के लिए 25,095 शामिल हुए थे।

विदेशों में स्थित सीबीएसई स्कूलों के रिजल्ट 2019 के बाद सबसे खराब आए हैं
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भारत सरकार द्वारा संचालित केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड यानी सीबीएसई से जुड़े विदेशी स्कूल इस साल बोर्ड परीक्षाओं में अपना पिछला प्रदर्शन दोहरा नहीं पाए हैं और तो और इस बार का प्रदर्शन साल 2019 के बाद सबसे खराब रहा है। इस साल लगभग 44,000 विदेशी छात्रों ने सीबीएसई कक्षा 10 और 12 बोर्ड परीक्षाओं के लिए पंजीकरण कराया था जिसमें कक्षा 12 के लिए 18,834 और कक्षा 10 के लिए 25,095 शामिल हुए थे।

सीबीएसई ने भारत और 26 देशों में परीक्षा आयोजित करने के लिए व्यापक व्यवस्था की थी। भारत के बाहर विभिन्न देशों में इसके 28 सरकारी और निजी स्कूल हैं। 

इन छात्रों में से कक्षा 12 के 93.98 प्रतिशत छात्रों ने परीक्षा उत्तीर्ण किया है जो पिछले चार वर्षों में विदेश में रहने वाले छात्रों का सबसे कम उत्तीर्ण प्रतिशत है। हालांकि विदेशों में सीबीएसई कक्षा 10 का परिणाम 97.29 प्रतिशत रहा जोकि कक्षा 12 की तुलना में बहुत बेहतर है। लेकिन यह स्तर पिछले साल से बेहतर नहीं है।