मानव तस्करों के चंगुल में फंसकर जान गंवा बैठा एक भारतीय परिवार

कनाडा के ओटावा में स्थित भारत के उच्चायोग ने बताया कि गुजरात में परिवार को घटना की जानकारी दे दी गई है। बता दें कि अमेरिका के मिनेसोटा जिले में पिछले हफ्ते जिला अदालत में 47 साल के अमेरिकी नागरिक स्टीव शैंड के खिलाफ एक आपराधिक मामला दायर किया गया था।

मानव तस्करों के चंगुल में फंसकर जान गंवा बैठा एक भारतीय परिवार

भारतीय उच्चायोग ने एक बयान जारी कर बताया कि कनाडा बॉर्डर पर मारे गए भारतीयों के परिवारों की कनाडा के अधिकारियों ने पुष्टि कर ली है। 19 जनवरी को कनाडा-अमेरिका सीमा के पास मैनिटोबा में एक बच्चे समेत चार भारतीय जमे हुए पाए गए थे। मानव तस्करों के चंगुल में फंसकर भारत के एक ही परिवार के चार सदस्यों ने अपनी जान गंवा दी थी।

अफसरों ने गुरुवार को जानकारी दी कि 19 जनवरी को कनाडा-अमेरिका की सीमा पर माइनस 35 डिग्री तापमान में एक भारतीय गुजराती परिवार के चार सदस्यों की तेज ठंड में जमने की वजह से मौत हो गई थी। कनाडा पुलिस ने चारों की पहचान जगदीश पटेल (39), उनकी पत्नी वैशाली बेन पटेल (37), बेटी विहांगी पटेल (11) और बेटे धार्मिक पटेल (3) साल के रूप में की है। परिवार गुजरात के गांधीनगर जिले के कलोल तालुका के डींगुचा गांव का रहने वाला था। जगदीश पटेल ने कथित तौर पर मानव तस्करों को कनाडा से अमेरिका में प्रवेश करने में मदद करने के लिए 70 लाख रुपये दिए थे।

कनाडा के अधिकारियों ने बताया कि मामला मानव तस्करी का मालूम होता है। परिवार के चारों सदस्य 19 जनवरी को कनाडा-अमेरिका सीमा पर कनाडा के मैनिटोबा के इमर्सन के पास मृत मिले थे। मैनिटोबा के मुख्य चिकित्सा परीक्षक के कार्यालय ने पुष्टि की है कि मौत ठंड की चपेट में आने से हुई है। पुलिस के मुताबिक पटेल परिवार 12 जनवरी को टोरंटो पहुंचा और वहां से 18 जनवरी के आसपास इमर्सन जाने के लिए निकले। मौके से कोई वाहन बरामद नहीं हुआ है, जिससे पता चलता है कि कोई परिवार को सीमा तक लाया था और फिर वहीं छोड़कर चला गया। इस मामले में अमेरिका में जो गिरफ्तारी हुई है, उससे यह मामला मानव तस्करी का लगता है।