कनाडा के ओंटारियो में पंजाबियों की बल्ले-बल्ले, संसद के लिए छह चुने गए

चार साल पहले ओंटारियो में पहली बार किसी पगड़ीधारी को कैबिनेट मंत्री बनने का गौरव हासिल हुआ था। एक बार फिर 31 साल के प्रभमीत सरकारिया ने ब्रैम्पटन साउथ से अपनी सीट बरकरार रखी। मंत्री नीना टांगरी ने भी मिसिसॉगा-स्ट्रीट्सविले से जीत हासिल की है। नीना का परिवार जालंधर का रहने वाला है।

कनाडा के ओंटारियो में पंजाबियों की बल्ले-बल्ले, संसद के लिए छह चुने गए

कनाडा के प्रांतीय चुनावों में ओंटारियो में भारतीय मूल के पंजाबियों ने अपना जलवा कायम किया है। ओंटारियो प्रांत में छह भारतीय-कनाडाई संसद के लिए चुने गए हैं। सभी विजेता सत्तारूढ़ प्रोग्रेसिव कंजरवेटिव पार्टी (पीसी) के हैं, जिसने 124 सदस्यीय प्रांतीय संसद में 80 सीटें जीतकर अपना बहुमत बरकरार रखा है। इस बार 22 भारतीय मूल के कनाडाई उम्मीदवार मैदान में थे। न्यू डेमोक्रेटिक पार्टी और लिबरल पार्टी के सात-सात, सत्तारूढ़ प्रोग्रेसिव कंजरवेटिव पार्टी (पीसी) के पांच और ग्रीन पार्टी के तीन भारतीय मूल के उम्मीदवार थे। 2018 में पिछले चुनावों में सात भारतीय मूल के कनाडाई नागरिक प्रांतीय संसद के लिए चुने गए थे।

लिबरल पार्टी से भारतीय मूल की हरिंदर मल्ही को हार का सामना करना पड़ा है। 

चार साल पहले ओंटारियो में पहली बार किसी पगड़ीधारी को कैबिनेट मंत्री बनने का गौरव हासिल हुआ था। एक बार फिर 31 साल के प्रभमीत सरकारिया ब्रैम्पटन साउथ से अपनी सीट बरकरार रखने में कामयाब रहे हैं। वह प्रीमियर डग फोर्ड के निवर्तमान कैबिनेट में ट्रेजरी बोर्ड के अध्यक्ष थे। सरकारिया का परिवार 1980 के दशक में अमृतसर से कनाडा गया था। 48 साल के परम गिल भारत में पंजाब के मोगा के मूल निवासी हैं। वह टोरंटो के बाहरी इलाके में मिल्टन से फिर से चुने गए है। गिल निवर्तमान मंत्रालय में नागरिकता और बहुसंस्कृतिवाद मंत्री थे।

मंत्री नीना टांगरी ने भी मिसिसॉगा-स्ट्रीट्सविले से जीत हासिल की है। नीना का परिवार जालंधर का रहने वाला है। सत्तारूढ़ दल के अमरजोत संधू ने भी ब्रैम्पटन वेस्ट से अपनी सीट बरकरार रखी है। मिसिसॉगा-माल्टन से दीपक आनंद ने भी जीत हासिल की है। दोनों भारत के पंजाब से ही आते हैं। हालांकि फेडरल न्यू डेमोक्रेटिक पार्टी (एनडीपी) के नेता जगमीत सिंह के भाई गुररत्न सिंह ब्रैम्पटन ईस्ट में सत्तारूढ़ पार्टी के हरदीप ग्रेवाल से चुनाव हार गए हैं। इसके अलावा लिबरल पार्टी से भारतीय मूल की दीपिका दमेरला और हरिंदर मल्ही और न्यू डेमोक्रेटिक पार्टी की सारा सिंह को हार का सामना करना पड़ा है।

इससे पहले ओंटारियो के प्रधान डग फोर्ड ने गुरुवार को कनाडा के सबसे अधिक आबादी वाले ओंटारियो प्रांत में व्यापक चुनावी जीत का दावा किया था। मीडिया ने उनकी दक्षिणपंथी प्रगतिशील कंजर्वेटिव पार्टी के लिए एक बढ़े हुए बहुमत के साथ दूसरे कार्यकाल का अनुमान लगाया था। पिछली विधायिका में पार्टी के 67 सदस्य थे। फोर्ड ने अपने गृह निर्वाचन क्षेत्र में समर्थकों से कहा कि हमने साथ मिलकर असंभव को पूरा किया है। हमने इतिहास रच दिया है।