ब्रिटिश नागरिकों के लिए बनाए गए कड़े दिशा-निर्देश भारत ने वापस लिए

ब्रिटेन ऐसा पहला देश है जिसके खिलाफ भारत ने कोविड टीके की मान्यता के विवाद में इस तरह का कठोर कदम उठाया था। दरअसल भारत में सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया द्वारा निर्मित कोविशील्ड वैक्सीन ऑक्सफोर्ड द्वारा विकसित फॉर्मूले से बनाई गई बावजूद इसके ब्रिटिश सरकार ने कोविशील्ड को मान्यता नहीं दी थी।

ब्रिटिश नागरिकों के लिए बनाए गए कड़े दिशा-निर्देश भारत ने वापस लिए
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ब्रिटेन द्वारा भारतीय नागरिकों पर कोरोना गाइडलाइंस में नरमी बरतने के बाद अब भारत सरकार ने भी ब्रिटेन नागरिकों के लिए विशेष रूप से बनाई नीतियों में बदलाव किया है। भारत की सरकार ने वैक्सीन लगे ब्रिटिश नागरिकों की 10 दिन की क्वारंटाइन अवधि को समाप्त कर दिया है।

भारत के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने कहा है कि भारत आने पर ब्रिटिश नागरिकों को भी उन्हीं मानकों का पालन करना होगा जो बाकी विदेशियों पर लागू होते हैं। यानी साफ है कि वैक्सीन की दोनों डोज ले चुके ब्रिटिश नागरिकों को 10 दिन तक क्वारंटाइन में नहीं रहना होगा।

इससे पहले ब्रिटिश सरकार ने भारतीय वैक्सीन कोविशील्ड को मान्यता देने से इनकार करते हुए भारतीयों के ब्रिटेन आगमन पर क्वारंटाइन अनिवार्य कर दिया था। Photo by JESHOOTS.COM / Unsplash

मंत्रालय ने कहा कि ब्रिटिश नागरिकों के भारत आगमन पर एक अक्टूबर को जारी किए गए दिशा-निर्देश वापस ले लिए गए हैं और 17 फरवरी को जारी निर्देशों के अनुरूप पहले की तरह स्थिति बहाल कर दी गई है। भारत ने वैक्सीन की मान्यता के मामले में भारतीयों के साथ ब्रिटिश सरकार की भेदभावपूर्ण नीति के खिलाफ जवाबी कार्रवाई करते हुए एक अक्टूबर को ब्रिटिश नागरिकों के लिए भारत आने पर 10 दिन का क्वारंटाइन और आरटी पीसीआर जांच अनिवार्य कर दिया था।