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ब्रिटिश सिख सेना की कैप्टन चंडी अकेले पहुंच गई दक्षिणी ध्रुव, बनाया यह रिकॉर्ड

कैप्टन हरप्रीत चंडी नॉर्थ-वेस्ट इंग्लैंड में मेडिकल रेजिमेंट में तैनात हैं और लंदन में स्पोर्ट्स एंड एक्सरसाइज मेडिसिन में अपनी मास्टर्स डिग्री पूरी कर रही हैं। चंडी का कहना है कि वह सभी लोगों को उनकी सीमाओं को आगे बढ़ाने और खुद पर भरोसा करने के लिए प्रोत्साहित करना चाहती हैं।

ब्रिटिश सिख सेना में भारतीय मूल की 32 वर्षीय अधिकारी और फिजियोथेरेपिस्ट कैप्टन हरप्रीत चंडी ने इतिहास रच दिया है। वह दक्षिणी ध्रुव के लिए बिना किसी समर्थन के अकेले इस दुर्गम यात्रा को पूरा करने वाली पहली अश्वेत और भारतीय मूल की महिला बन गई हैं। उनको 'पोलर प्रीत' के नाम से भी जाना जाता है।

कैप्टन चंडी ने सोमवार को अपने लाइव ब्लॉग पर 40 दिन की यात्रा पूरी होने पर इतिहास बनाने का एलान किया। उन्होंने इस दौरान 1127 किलोमीटर की यात्रा की। इस उपलब्धि को हासिल करने के साथ वह दक्षिणी ध्रुव पर अकेले पहुंचने वाली पहली अश्वेत महिला और पहली भारतीय मूल की महिला भी बन गई हैं।

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