ब्रिटिश उच्चायुक्त ने जलियांवाला बाग हत्याकांड को बताया 'शर्मनाक घटना'

ब्रिटिश उच्चायुक्त एलेक्स एलिस ने वहां आंगतुक किताब में लिखा कि कि जलियांवाला बाग में जो हुआ वह शर्मनाक था। जो हुआ उसका हमें दुख हुआ और उसका हमें गहरा अफसोस है। इसे भुलाया नहीं जा सकता है।

ब्रिटिश उच्चायुक्त ने जलियांवाला बाग हत्याकांड को बताया 'शर्मनाक घटना'

भारत में ब्रिटिश उच्चायुक्त एलेक्स एलिस ने जलियांवाला बाग हत्याकांड को एक 'शर्मनाक घटना' करार दिया है। बीते दिनों एलेक्स एलिस पंजाब के अमृतसर शहर में जलियावाला बाग साइट के दौरे पर थे जब उन्होंने जलियांवाला बाग हत्याकांड पर 'खेद' व्यक्त किया।

उन्होंने जलियांवाला बाग पर मौजूद आगंतुकों की किताब में अपनी भावनाओं को यह कहते हुए लिखा कि जलियांवाला बाग में जो हुआ वह शर्मनाक था। Photo : Alex ellis

एलेक्स ने ब्रिटिश उप उच्चायुक्त कैरोलिन रोवेट के साथ स्वर्ण मंदिर में भी मत्था टेका। शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए एलिस ने 13 अप्रैल 1919 को हुए नरसंहार को ब्रिटेन और भारत के लंबे और जटिल इतिहास में एक काले दिन के रूप में संदर्भित किया।

ब्रिटिश उच्चायुक्त एलेक्स एलिस और उप उच्चायुक्त कैरोलिन रोवेट ने अपने परिवारों के साथ स्वर्ण मंदिर का दौरा किया। Photo : Alex ellis

उन्होंने जलियांवाला बाग पर मौजूद आगंतुकों की किताब में अपनी भावनाओं को यह कहते हुए लिखा कि जलियांवाला बाग में जो हुआ वह शर्मनाक था। जो हुआ उसका हमें दुख हुआ और उसका हमें गहरा अफसोस है। इसे भुलाया नहीं जा सकता है। इसी तरह रोवेट ने ​आगंतुकों की किताब में लिखा कि मैं उच्चायुक्त की भावनाओं को प्रतिध्वनित करता हूं। ब्रिटिश उच्चायुक्त एलेक्स एलिस और उप उच्चायुक्त कैरोलिन रोवेट ने अपने परिवारों के साथ स्वर्ण मंदिर का दौरा किया। इस वक्त उनके साथ एसजीपीसी यानी शिरोमणि गुरुद्वारा प्रंबंध कमेटी के प्रमुख हरजिंदर सिंह धामी भी मौजूद थे, जिन्होंने सिखों के 'रहत मर्यादा' और परंपराओं से अवगत कराया।

जानकारी के लिए आपको बता दें कि 13 अप्रैल 1919 को जलियांवाला बाग में ब्रिटिश हुकुम द्वारा लाए गए रौलेट एक्ट का विरोध करने के लिए एक सभा हो रही थी जिस पर जनरल डायर नाम के एक ब्रिटिश अफसर ने अकारण उस सभा में उपस्थित भीड़ पर गोलियां चलवा दी थीं जिसमें 400 से अधिक लोग मारे गए थे जबकि 2000 घायल हुए थे। अमृतसर के डिप्टी कमिश्नर कार्यालय में 484 शहीदों की सूची है जबकि जलियांवाला बाग में कुल 388 शहीदों की सूची है। ब्रिटिश राज के अभिलेख इस घटना में 200 लोगों के घायल होने और 379 लोगों के शहीद होने की बात स्वीकार करते है जिनमें से 337 पुरुष, 41 नाबालिग लड़के और एक 6-सप्ताह का बच्चा था। अनाधिकारिक आंकड़ों के अनुसार 1000 से अधिक लोग मारे गए थे और 2000 से अधिक घायल हुए।