ऑस्ट्रेलिया में भारतीय फूड आउटलेट पर क्यों लगा 1 करोड़ रुपये का जुर्माना

फेडरल सर्किट एंड फैमिली कोर्ट ने रिद्धि सिद्धि प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ 185,000 ऑस्ट्रेलियाई डॉलर का जुर्माना लगाया जबकि आउटलेट की निदेशक रुचिका शर्मा पर 19,000 ऑस्ट्रेलियाई डॉलर का अतिरिक्त जुर्माना भी लगाया है।

ऑस्ट्रेलिया में भारतीय फूड आउटलेट पर क्यों लगा 1 करोड़ रुपये का जुर्माना
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ऑस्ट्रेलिया के ब्रिस्बेन में भारतीय मूल की एक फूड व्यवसायी और उसके फूड आउटलेट 'वेज रामा' पर ऑस्ट्रेलिया के फेयर वर्क ओम्बड्समैन द्वारा 2,04,000 ऑस्ट्रेलियाई डॉलर यानी लगभग 1 करोड़ 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। फेयर वर्क ओम्बड्समैन एक ऑस्ट्रेलियाई एजेंसी है जो कामगारों के अधिकारों, शिकायतों और सुझावों के लिए काम करती है।

आउटलेट की निदेशक रुचिका शर्मा पर 19,000 ऑस्ट्रेलियाई डॉलर का अतिरिक्त जुर्माना भी लगाया। 

मामला यह है कि फेयर वर्क ओम्बड्समैन से एक नेपाली वीजा धारक ने फूड आउटलेट के खिलाफ सहायता के लिए अनुरोध किया था, जिसके बाद जांच शुरू की गई। वह नेपाली वीजा धारक व्यक्ति अप्रैल 2018 से अगस्त 2019 तक आउटलेट के वाणिज्यिक रसोई में कार्यरत था। रिपोर्ट के अनुसार अदालत ने रिद्धि सिद्धि प्राइवेट लिमिटेड पर जुर्माना लगाया जो 'वेज रामा' फास्ट फूड आउटलेट का संचालन करती है क्योंकि व्यवसायी ने फेयर वर्क की चल रही जांच को विफल करने के लिए झूठे रिकॉर्ड का इस्तेमाल किया था।

फेडरल सर्किट एंड फैमिली कोर्ट ने रिद्धि सिद्धि प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ 185,000 ऑस्ट्रेलियाई डॉलर का जुर्माना लगाया जबकि आउटलेट की निदेशक रुचिका शर्मा पर 19,000 ऑस्ट्रेलियाई डॉलर का अतिरिक्त जुर्माना भी लगाया। न्यायाधीश सल्वाटोर वस्ता ने पाया कि रिद्धि सिद्धि और रुचिका शर्मा ने गलत रिकॉर्ड के जरिए यह साबित करने की कोशिश की कि नेपाली वर्कर को उन्होंने तय दरों में भुगतान किया। उन्होंने जानबूझकर ये रिकॉर्ड फेयर वर्क को सच्चाई को छिपाने के लिए दिखाई।

न्यायाधीश ने कहा कि रिद्धि सिद्धि और रुचिका शर्मा ने जो किया है उसकी गंभीरता को कम करके आंका नहीं जा सकता है। यह एक धोखा था जो इस देश की निष्पक्ष औद्योगिक और रोजगार व्यवस्था के खिलाफ है। फेयर वर्क ने पाया है कि रिद्धि सिद्धि द्वारा फेयर वर्क एक्ट का उल्लंघन करने के जवाब में जुर्माना लगाया गया है। ब्रिस्बेन संचालक ने जांच के दौरान झूठे रिकॉर्ड बनाए और उन्हें फेयर वर्क इंस्पेक्टरों को सौंप दिए।

इसके अलावा रिद्धि सिद्धि ने एक कर्मचारी को झूठी या भ्रामक भुगतान पर्ची देकर और एक अनुपालन नोटिस का पालन करने में विफल रहने के कारण निष्पक्ष कार्य अधिनियम का भी उल्लंघन किया जिसके लिए कंपनी को उस कर्मचारी को वापस भुगतान करने की आवश्यकता थी जिसने प्रति सप्ताह 66 घंटे तक काम किया था और उसे 13 डॉलर प्रति घंटा की तुलना में 11 डॉलर का भुगतान किया गया था। फेयर वर्क ओम्बड्समैन द्वारा कानूनी कार्रवाई शुरू करने के बाद ही ब्रिस्बेन फास्ट-फूड ऑपरेटर ने कर्मचारी को 59,400 डॉलर, ब्याज और सेवानिवृत्ति का भी भुगतान किया था।