ब्रिटिश एकेडमी बुक प्राइज के लिए चुने गए भारतीय मूल के लेखक ममदानी

2021 की शॉर्टलिस्ट में शामिल अन्य लोगों में श्रीलंका के जन्मे कैम्ब्रिज इतिहासकार सुजीत शिवसुंदरम भी हैं, जिन्होंने 'वेव्स एर द साउथ: ए न्यू हिस्ट्री ऑफ रेवोल्यूशन एंड एम्पायर' किताब लिखी है।

ब्रिटिश एकेडमी बुक प्राइज के लिए चुने गए भारतीय मूल के लेखक ममदानी

भारतीय मूल के लेखक महमूद ममदानी दुनिया भर के उन चार लेखकों में शामिल हैं, जिन्हें वैश्विक सांस्कृतिक समझ के लिए 2021 के ब्रिटिश एकेडमी बुक प्राइज के लिए चुना गया है।

ममदानी की किताब मौलिक और जबरदस्त तर्क वाली पुस्तक है जो यह बताती है कि कैसे औपनिवेशिक और उत्तर-औपनिवेशिक राष्ट्र ने राज्य के विकास के लिए 'स्थायी अल्पसंख्यक' पैदा किए।

75 साल के मुंबई में जन्मे युगांडा के जाने-माने लेखक महमूद ममदानी की किताब 'नाइदर सेटलर नॉर नेटिव: द मेकिंग एंड अनमेकिंग ऑफ परमानेंट माइनॉरिटीज' 25,000 पाउंड राशि के पुरस्कार की दौड़ में शामिल हैं जिसे राजनीतिक आधुनिकता, औपनिवेशिक और उत्तर-औपनिवेशिक की गहन जांच और उत्तर-औपनिवेशिक समाज की त्रस्त हिंसा की जड़ों की खोज के रूप में उल्लेख किया गया है।