भारतीय लोकतंत्र के लिए काला दिन, इंडियन-अमेरिकन संगठनों ने स्वामी की मौत की निंदा की

अमेरिका और कनाडा के 50 राज्यों में फैले वाशिंगटन स्थित एक चैरिटेबल ग्रुप फेडरेशन ऑफ इंडियन-अमेरिकन क्रिश्चियन ऑर्गेनाइजेशन (FIACONA) ने स्वामी को एक "बहादुर व्यक्ति" कहा, जिन्होंने भारत के आदिवासी लोगों की रक्षा और उनकी मदद करने के लिए अथक प्रयास किए।

भारतीय लोकतंत्र के लिए काला दिन, इंडियन-अमेरिकन संगठनों ने स्वामी की मौत की निंदा की

भारतीय-अमेरिकी संगठनों ने भारत में स्वदेशी लोगों के अधिकारों की रक्षा करने वाले 84 वर्षीय फादर स्टेन स्वामी की मौत की निंदा करते हुए इसे भारत की चेतना पर धब्बा बताया है। बीती 5 जुलाई को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

इंडियन ओवरसीज कांग्रेस के वाइस-चेयरमैन जॉर्ज अब्राहम ने एक बयान में कहा, "यह भारत में लोकतंत्र के लिए एक काला दिन है। राष्ट्रीय नेतृत्व और न्यायपालिका के सदस्यों का सिर शर्म से झुकना चाहिए।" उन्होंने एक लोकतांत्रिक राष्ट्र में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की विफलता पर सवाल उठाए।

उन्होंने कहा, "फादर स्वामी की मौत डिटेंशन और जेल में इलाज के कारण हुई। यह राष्ट्र की चेतना पर धब्बा है और न्याय का मजाक है।"