गांधी: भारतीय कहानी, अंतर्राष्ट्रीय टीम, राेचक फिल्मांकन और ऑस्कर

महात्मा गांधी के जीवन पर बनी फिल्म 'गांधी' के निर्देशक से लेकर मुख्य अभिनेता तक भारत के नहीं थे फिर भी एक भारतीय कहानी को इतनी बखूबी दर्शाया गया कि फिल्म ने 8 ऑस्कर पुरस्कार जीते।

गांधी: भारतीय कहानी, अंतर्राष्ट्रीय टीम, राेचक फिल्मांकन और ऑस्कर

सिनेमा मनोरंजन का एक ऐसा मध्यम है जो न तो सीमाओं से बाध्य है और न ही सांस्कृतिक विविधताओं से। हर क्षेत्र, हर राज्य, हर देश का सिनेमा बिल्कुल मुक्त है और अपने दर्शक खुद तलाशना बहुत अच्छे से जानता है। ऐसे में जब एक देश का सिनेमा दूसरे देश के सिनेमा के साथ मिल जाए तो कुछ अद्वितीय बनने की संभावना बढ़ जाती है। इसी तरह की एक खास और अद्वितीय फिल्म है वर्ष 1982 में रिलीज हुई 'गांधी' जिसने ना सिर्फ दर्शकों से वाह-वही बटोरी बल्कि भारत को पहला ऑस्कर भी जिताया।  

भारतीय स्वतंत्रता में अहम भूमिका निभाने वाले भारत के प्रसिद्ध नेता और महात्मा की उपाधि से सम्मानित मोहनदास करमचंद गांधी के जीवन पर बनी फिल्म 'गांधी' का निर्देशन इंग्लैंड के रिचर्ड एटनबरो ने किया था। अपनी पहली दो फिल्मों में असफलता के बाद एटनबरो के लिए यह एक महत्वाकांक्षी फिल्म थी। वर्ष 1962 में लंदन में भारतीय उच्चायोग में कार्यरत एक भारतीय मूल के सिविल सेवक और गांधी के कट्टर अनुयायी मोतीलाल कोठारी ने सबसे पहले एटनबरो से इस फिल्म को बनाने के संदर्भ में संपर्क किया था। लुई फिशर द्वारा लिखित गांधी की जीवनी पढ़ने के बाद एटनबरो फिल्म बनाने के लिए सहमत हो गए और अगले 18 साल इसी में बिता दिए।