इंटरनेशनल एस्ट्रोनॉमिकल यूनियन के पहले भारतीय सदस्य बने दोर्जे अंगचुक

इंटरनेशनल एस्टॉनोमिकल यूनियन (IAU) 100 साल से ज्यादा पुराना संगठन है, जिसका खगोल विज्ञान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किया गया था। इसके कुल 13 हजार से ज्यादा सदस्य हैं।

इंटरनेशनल एस्ट्रोनॉमिकल यूनियन के पहले भारतीय सदस्य बने दोर्जे अंगचुक

भारतीय केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के इंजीनियर दोर्जे अंगचुक (Dorje Angchuk) को बड़ा सम्मान मिला है। अंगचुक अंतर्राष्ट्रीय खगोलीय संघ (International Astronomical Union) के मानद सदस्य बनने वाले पहले भारतीय बन गए हैं। यूनियन ने हाल ही में दुनियाभर के 11 लोगों को मानद सदस्य बनाया है।लद्दाख में जन्मे और पले-बढ़े दोर्जे अंगचुक पेशे से इंजीनियर हैं। वर्तमान में वह लद्दाख के हनले (Hanle) स्थित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ एस्ट्रोफिजिक्स (IIA) के इंडियन एस्ट्रोनॉमिकल ऑब्जर्वेटरी (IAO) के इंचार्ज हैं।

दोर्जे को दिया जाने वाला सम्मान औपचारिक रूप से उन व्यक्तियों को मान्यता देता है, जिन्होंने भारत में खगोलीय अनुसंधान और संस्कृति के विकास में अत्यधिक योगदान दिया है। आईएयू के अनुसार, अंगचुक को "लद्दाख क्षेत्र में खगोल विज्ञान के अपने उत्साही प्रचार और उनकी उत्कृष्ट एस्ट्रोफोटोग्राफी के लिए" इस लिस्ट में शामिल किया गया है।