भारत-जर्मनी को हो रहा है भारी नुक्सान, लुफ्थांसा ने कहा जल्द हों उड़ानें बहाल

भारत के नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) वर्तमान में लुफ्थांसा को भारत से जर्मनी के लिए केवल 10 साप्ताहिक उड़ानें संचालित करने की अनुमति देता है। जिसके चलते सामान्य उड़ानों में बाधा पैदा हो रही है। लेकिन उसको लेकर भारत की अपनी वजहें हैं।

भारत-जर्मनी को हो रहा है भारी नुक्सान, लुफ्थांसा ने कहा जल्द हों उड़ानें बहाल
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लुफ्थांसा एयरलाइंस के सीईओ कार्स्टन स्पोहर ने कहा है कि भारत और जर्मनी के बीच हवाई यातायात को प्रतिबंधित करने से दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं को नुकसान पहुंच रहा है। इसलिए लुफ्थांसा समूह दोनों देशों के बीच और अधिक उड़ानों के लिए भारत सरकार की अनुमति का बेसब्री से इंतजार कर रहा है।

Airport departures timetable
जर्मनी स्थित लुफ्थांसा समूह स्विस, लुफ्थांसा और ऑस्ट्रियन एयरलाइंस सहित विभिन्न यूरोपीय एयरलाइन ब्रांड संचालित करता है। Photo by Matthew Smith / Unsplash

भारत के नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) वर्तमान में लुफ्थांसा एयरलाइंस को भारत से जर्मनी के लिए सिर्फ 10 साप्ताहिक उड़ानों की अनुमति देता है क्योंकि डीजीसीए ने सितंबर 2020 में एयरलाइंस पर यातायात के "असमान वितरण" के लाभार्थी होने का आरोप लगाया था। बॉस्टन में आयोजित इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्टेशन एसोसिएशन (आईएटीए) की 77वीं वार्षिक आम बैठक के पहले दिन एक मीडिया ब्रीफिंग में एयरलाइंस के सीईओ स्पोहर ने यह बयान दिया। उन्होंने कहा कि पहली चीज जो वे चाहते हैं, वह है पहले की तरह भारत और जर्मनी के बीच 'खुले आसमान' के लिए अधिक से अधिक उड़ान शुरू होना।