'अपराधियों पर एक्शन से भारतीय प्रवासियों के बीच यूपी की छवि बदल रही है'

भारतीय प्रवासियों को यूपी से जोड़े रखने के लिए प्रतिबद्ध गैर लाभकारी संगठन उत्तर प्रदेश विकास मंच (UPDF) द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पाठक ने कहा कि साल 2017 से पहले बंदूकों का उपयोग करना और उनका प्रदर्शन करना उत्तरप्रदेश की संस्कृति थी।

'अपराधियों पर एक्शन से भारतीय प्रवासियों के बीच यूपी की छवि बदल रही है'

भारत के राज्य उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा है कि अपराधियों के खिलाफ योगी सरकार की कार्रवाई ने राष्ट्रीय और वैश्विक मोर्चे पर उत्तर प्रदेश के साथ-साथ भारतीय प्रवासियों के बीच की भी धारणा को बदल दिया है।

भारतीय प्रवासियों को यूपी से जोड़े रखने के लिए प्रतिबद्ध गैर लाभकारी संगठन उत्तर प्रदेश विकास मंच (UPDF) द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पाठक ने कहा कि साल 2017 से पहले बंदूकों का उपयोग करना और उनका प्रदर्शन करना उत्तरप्रदेश की संस्कृति थी। अब जिनके पास लाइसेंस है उनके पास भी हथियार नहीं हैं क्योंकि इसकी कोई जरूरत नहीं है।

कार्यक्रम में आध्यात्मिक नेता स्वामी उमाकांतानंद सरस्वती मुख्य अतिथि के तौर पर मौजूद थे।

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश भारत के विकास की डोर संभालने को तैयार है। कार्यक्रम में आध्यात्मिक नेता स्वामी उमाकांतानंद सरस्वती मुख्य अतिथि के तौर पर मौजूद थे। वहीं कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कई भारतीय प्रवासियों को सम्मानित किया, जिन्होंने महामारी के संकट के दौरान उत्तर प्रदेश में योगदान दिया था।

इस अवसर पर उत्तर प्रदेश विकास मंच के अध्यक्ष पंकज गांधी की किताब 'विकास का उत्तर पथ' का भी विमोचन किया गया। पंकज गांधी ने कहा कि दुनिया भर में बसे भारतीयों का अपनी जड़ों से मजबूत जुड़ाव है। विदेश में बसे कई भारतीय अपने कार्यक्षेत्र में वो बेंचमार्क हासिल कर चुके हैं जिसकी मदद से भारत और भारत के राज्य उनके कौशल, ज्ञान और अनुभव से लाभान्वित हो सकते हैं।

ज्ञात हो कि प्रवासी भारतीयों विशेषकर उत्तर प्रदेश की जड़ों से जुड़े लोगों से मजबूत सांस्कृतिक और आर्थिक संबंध विकसित करने के लिए भारत के राज्य उत्तर प्रदेश की सरकार ने एनआरआई और पीआईओ धारकों के लिए एक नीति का मसौदा तैयार करने की कवायद शुरू की है, जो दो साल में बनाकर तैयार हो जाएगी। एनआरआई विभाग कम से कम 500 संभावित एनआरआई निवेशकों से भी संपर्क करेगा। पिछले पांच वर्षों में सरकार को 129 देशों में बसे प्रवासी भारतीयों से 1,201 करोड़ रुपये का इंटेंट आफ इन्वेस्टमेंट प्राप्त हुआ है।