साथी डेमोक्रेट को 'हराने' की कोशिश में लगे दो युवा भारतीय-अमेरिकी!

पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के साथ काम कर चुके 40 वर्षीय सूरज पटेल इससे पहले साल 2018 और साल 2020 में भी कैरोलिना मैलनी को चुनौती दे चुके हैं। हालांकि दोनों ही बार उन्हें असफलता ही हाथ लगी थी। साल 2020 में उन्हें लगभग चार अंकों से हार का सामना करना पड़ा था।

साथी डेमोक्रेट को 'हराने' की कोशिश में लगे दो युवा भारतीय-अमेरिकी!

न्यूयॉर्क के 12वें जिले से यूएस कांग्रेस के लिए प्राइमरी चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी का नामांकन प्राप्त करने के लिए दो भारतीय-अमेरिकी युवा लंबे समय से एक सांसद को हराने और खुद को जिताने की कोशिश में लगे हुए हैं। सांसद कैरोलिना मैलनी के सामने भारतीय-अमेरिकी वकील सूरज पटेल और आशमी सेठ ने उम्मीदवारी पेश की है। इसके अलावा माइक फिट्जगेराल्ड और व्लादिमी जोसेफ भी इस दौड़ में शामिल हैं।

सांसद कैरोलिना मैलनी के सामने भारतीय-अमेरिकी वकील सूरज पटेल और आशमी सेठ ने उम्मीदवारी पेश की है। 

बता दें कि यूएस हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में मैलनी का पहली बार चयन साल 1992 में हुआ था। इसके अलावा फंडरेजिंग में भी वह कहीं आगे हैं। पटेल और आशमी दोनों ने अपनी आप्रवासी पृष्ठभूमि का उल्लेख किया है और अपने अभियानों के दौरान अपने अभिभावकों की सक्सेस स्टोरीज पर ध्यान दिया है। वहीं, मैलनी को पहले भी चुनौती दे चुके सूरज पटेल इस बार जीत हासिल करने की उम्मीद कर रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के साथ काम कर चुके 40 वर्षीय सूरज पटेल इससे पहले साल 2018 और साल 2020 में भी कैरोलिना मैलनी को चुनौती दे चुके हैं। हालांकि दोनों ही बार उन्हें असफलता ही हाथ लगी थी। साल 2020 में उन्हें लगभग चार अंकों से हार का सामना करना पड़ा था। वहीं साल 2018 के प्राइमरी चुनाव में उन्हें लगभग 17000 वोट प्राप्त हुए थे जो मैलनी से करीब 8000 कम थे।

उधर पब्लिक पॉलिसी में कोलंबिया यूनिवर्सिटी से स्नातक आशमी सेठ मेडिकेयर फॉर ऑल की समर्थक हैं और कई बड़े बैंकों के साथ पॉलिसी राइटर और सुपरवाइजर के तौर पर काम कर चुकी हैं। सेठ के माता-पिता मुंबई से अमेरिकी आए थे। वर्तमान में वह मैनहैटन के हेल्स किचन इलाके में रह रही हैं। जानकारी के अनुसार वह फाईब्रोम्यल्गिया से पीड़ित हैं और डिसेबिलिटी अधिकारों के लिए आवाज उठा रही हैं।

तीनों उम्मीदवार अभी तक जुटा चुके हैं इतनी राशि

31 मार्च 2022 तक सूरज पटेल के पास छह लाख 52 हजार 549 डॉलर (करीब 5.09 करोड़ रुपये) का योगदान और पांच लाख 43 हजार 887 डॉलर (करीब 4.24 करोड़ रुपये) की नकदी थी। वहीं सेठ के पास कुल योगदान दो लाख 40 हजार 56 डॉलर (करीब 1.87 करोड़ रुपये) और नकदी की राशि 3998 (करीब 3.12 लाख रुपये डॉलर रही। दूसरी ओर मैलनी को 22.80 लाख डॉलर (करीब 17.80 करोड़ रुपये का कुल योगदान मिल चुका है और उनके पास 11 लाख डॉलर (करीब 8.58 करोड़ रुपये) की नकदी है।