श्रद्धांजलि: दुनिया को अपने गानों पर नचाकर मौन हुए 'डिस्को किंग' बप्पी दा

बप्पी लाहिड़ी का 69 साल की उम्र में निधन हो गया। बॉलीवुड में डिस्को गानों की धुम मचाने वाले बप्पी ने करियर में 500 से ज्यादा गाने कंपोज किए थे।

श्रद्धांजलि: दुनिया को अपने गानों पर नचाकर मौन हुए 'डिस्को किंग' बप्पी दा

'बागों में बहार' देखकर प्यार का इजहार करने वाले 70-80 के दशक प्रेमी जोड़े बारिश में भीगते हुए पब्लिक के सामने भी इजहारे मोहब्बत कर सकते हैं,  तो यह हिम्मत उन्हें नमक हलाल फिल्म के गाने "आज रपट जाए" से मिली जिस गाने को संगीत आलोकेशन लाहिड़ी यानी बप्पी लाहिड़ी ने दी थी। आज बप्पी दा हम सभी के बीच नहीं हैं लेकिन भारत में वेस्टर्न म्यूजिक खासकर सिन्थाइज्ड डिस्को को लोकप्रिय बनाने में उनके योगदान को भुलाया नहीं जा सकता।

बप्पी लहरी के नया प्रयोग करने की ललक ने उन्हें डिस्को किंग के नाम से मशहूर कर दिया।

जिस दौर में आरडी बर्मन, ओपी नैय्यर और कल्याण जी-आनंद जी जैसे मंजे हुए संगीतकार मौजूद थे, ऐसे में बप्पी लहरी के नया प्रयोग करने की ललक ने उन्हें डिस्को किंग के नाम से मशहूर कर दिया। ये बप्पी लाहिड़ी के डिस्को म्यूजिक का ही जलवा है कि करीब 40 साल बाद भी "जिम्मी-जिम्मी आ जा आ जा" गाना 21वीं सदी के युवाओं को थिरकने के लिए मजबूर कर देता है। शादी राजधानी दिल्ली में हो रही हो या यूपी-बिहार के किसी गांव में, बारात में दूल्हे के दोस्तो का डांस इस गाने के बिना पूरा नहीं होता।