सपने हैं सपनों का क्या: शिमला को बनाएंगे खालिस्तान की राजधानी!

प्रतिबंधित अलगाववादी समूह सिख फॉर जस्टिस (SFJ) के संस्थापक गुरपतवंत सिंह पन्नून ने बीते दिनों पाकिस्तान के शहर लाहौर में मौजूद प्रेस क्लब में एक बैठक के दौरान खालिस्तान का एक नया मानचित्र पेश किया है। उन्होंने नया मुल्क बनाने के लिए पाकिस्तान से सहयोग मांगा है।

सपने हैं सपनों का क्या: शिमला को बनाएंगे खालिस्तान की राजधानी!
Photo by Abhijit Chirde / Unsplash

न्यूयॉर्क में जाकर बसे प्रतिबंधित अलगाववादी समूह सिख फॉर जस्टिस (SFJ) के संस्थापक गुरपतवंत सिंह पन्नून ने बीते दिनों पाकिस्तान के शहर लाहौर में मौजूद प्रेस क्लब में एक बैठक के दौरान खालिस्तान का एक नया मानचित्र पेश किया है। पन्नून ने इस मानचित्र में खालिस्तान की राजधानी भारत के राज्य हिमाचल प्रदेश के खूबसूरत पर्यटक स्थल शिमला को बताया है।

सिख फॉर जस्टिस (SFJ) के कथित मानचित्र में वर्ष 1966 से पहले के पंजाब के क्षेत्र शामिल हैं जिसमें हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के सिख-बहुल क्षेत्र हैं। पन्नून ने पाकिस्तानी मीडिया से दावा किया कि शिमला एक सिख मातृभूमि है और यह खालिस्तान की भविष्य की राजधानी होगी।

पन्नून ने कहा कि पूर्वी मोर्चे में नया पड़ोसी और दोस्त होने के नाते खालिस्तान पाकिस्तान को कई लाभ पहुंचाएगा।

इतना ही नहीं, खालिस्तान निर्माण का सपना देखने वाले पन्नून ने भारत में एक 'पंजाब स्वतंत्रता जनमत संग्रह' कराने की तारीखों की भी घोषणा की है। मिली जानकारी के अनुसार भारत में अलगाववादी गतिविधियों के लिए नामित भारतीय मूल के पन्नून ने लाहौर प्रेस क्लब में पाकिस्तानी पत्रकारों से कहा कि तथाकथित यह  जनमत संग्रह पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश में 26 जनवरी 2023 को भारत के गणतंत्र दिवस के अवसर पर आयोजित किया जाएगा।

बता दें कि पंजाब में जनमत संग्रह को बढ़ावा देने के लिए देशद्रोह के आरोप में कई एसएफजे कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया है। अनौपचारिक जनमत संग्रह 31 अक्टूबर 2021 को लंदन में शुरू हुआ था और इटली और स्विट्जरलैंड में भी आयोजित किया गया है। एसएफजे से जुड़े पन्नून ने इस बैठक में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी से खालिस्तान जनमत संग्रह की लोकतांत्रिक पहल के लिए राजनयिक समर्थन का आग्रह किया।

पन्नून ने कहा कि पाकिस्तान के पूर्वी मोर्चे में एक नया पड़ोसी और दोस्त होने के नाते खालिस्तान पाकिस्तान को कई लाभ पहुंचाएगा। पन्नून ने कहा कि पाकिस्तान के सहयोग से खालिस्तान के एक बार आजाद होने के बाद वे दक्षिण एशिया में शक्ति संतुलन को स्थानांतरित करेंगे और इस क्षेत्र में बहुत आवश्यक स्थिरता, शांति और समृद्धि लांएगे।