अमेरिका ने कहा, राणा 26/11 हमले का सह-साजिशकर्ता, उसे भारत प्रत्यर्पित किया जाए

अमेरिकी सरकार ने एक यूएस कोर्ट को जानकारी दी कि तहव्वुर राणा को पता चल गया था कि कैसे आतंकवादी मुंबई में कई जगहों पर हमला करने जा रहे थे। उसे यह भी पता था कि कितने लोग मरेंगे, कितने घायल होंगे और कितनी संपत्ति का नुकसान होगा। लेकिन उसने साजिशकर्ताओं से खुद को दूर करने की कोई कोशिश नहीं की।

अमेरिका ने कहा, राणा 26/11 हमले का सह-साजिशकर्ता, उसे भारत प्रत्यर्पित किया जाए
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अमेरिकी सरकार ने एक यूएस कोर्ट में बताया कि तहव्वुर राणा को 2008 के मुंबई आतंकी हमले के बारे में पहले से पता था। इस हमले में 6 अमेरिकी नागरिकों सहित 166 नागरिक मारे गए थे। कैलिफोर्निया के सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट लॉस एंजिलिस के यूएस डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में पिछले दिनों सरकार ने बताया कि राणा ने इस हमले के साजिशकर्ताओं की प्रशंसा भी की थी। राणा ने यह भी कहा था कि उसे पाकिस्तानी सेना में सर्वोच्च रैंक से सम्मानित किया जाना चाहिए। रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि राणा ने हेडली से भारतीयों के बारे में कहा था कि "वे इसी लायक हैं।"

पाकिस्तानी सेना के पूर्व मिलिट्री डॉक्टर रहे 58 वर्षीय तहव्वुर हुसैन राणा ने साल 1997 में कनाडा की नागरिकता प्राप्त की। इसके बाद उसने शिकागो, इलिनोइस में फर्स्ट वर्ल्ड इमिग्रेशन सर्विस का बिजनेस शुरू किया था।  रिपोर्ट्स के मुताबिक हेडली ने राणा को भारत में एक मल्टी-ईयर बिजनेस वीजा प्राप्त करने के लिए इस्तेमाल किया और उसे मुंबई में अपने बिजनेस की एक ब्रांच खोलने के लिए भी राजी किया था। बाद में यह भारत में जाने का एक आसाना रास्ता बन गया, जहां से आतंकवादियों ने ताज सहित होटल, ओबेरॉय ट्राइडेंट, यहूदी चबाड हाउस, लियोपोल्ड कैफे और छत्रपति शिवाजीनगर टर्मिनस ट्रेन स्टेशन जैसी जगहों पर घुसपैठ कर हमला किया था।