अयोध्या में रामलला के दर्शन से पहले 'हनुमान जी' की अनुमति क्यों है आवश्यक!

अयोध्या में श्रीराम मंदिर और हनुमानगढ़ी का गहरा नाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इन दोनों स्थलों के दर्शन करने पर ही अयोध्या की यात्रा पूर्ण मानी जाती है। हनुमानगढ़ी भारत के उन चुनिंदा मंदिरों में शुमार है, जहां हनुमान जी बाल रूप में विराजमान हैं।

अयोध्या में रामलला के दर्शन से पहले 'हनुमान जी' की अनुमति क्यों है आवश्यक!

देश और दुनिया में इस वक्त भारत स्थित अयोध्या में बनाए जा रहे भव्य राम मंदिर की चर्चाएं हैं। यह मंदिर हिंदू धर्म के करोड़ों अनुयायियों के लिए आस्था का केंद्र होगा। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के मुताबिक दिसंबर 2023 तक मंदिर निर्माण का काम पूरा हो जाएगा और भक्तों को रामलला के दर्शन करने का सौभाग्य प्राप्त होगा। सदियों से लोगों को राम मंदिर का इंतजार था, जो अगले 2 सालों में पूरा हो जाएगा।

रामलला के दर्शन से पहले उनकी रक्षा कर रहे हनुमान जी से दर्शन की अनुमति लेनी पड़ती है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अयोध्या में रामलला के दर्शन से पहले प्राचीन 'हनुमानगढ़ी' जाना आवश्यक माना जाता है। रामलला के दर्शन से पहले उनकी रक्षा कर रहे हनुमान जी से दर्शन की अनुमति लेनी पड़ती है। मान्यता है कि जो श्रद्धालु राम मंदिर से पहले हनुमानगढ़ी मंदिर नहीं जाते, उन्हें भगवान श्रीराम का आशीर्वाद नहीं मिलता। आज आपको अयोध्या के प्राचीन हनुमानगढ़ी मंदिर के बारे में बता रहे हैं। अयोध्या में हनुमानगढ़ी का विशेष महत्व है।