डॉ. रामेश्वर दयाल

डॉ. रामेश्वर दयाल

14 posts published

100 करोड़ वैक्सीन डोज आंकड़ा नहीं, समर्थ भारत की तस्वीर है: पीएम मोदी
News

100 करोड़ वैक्सीन डोज आंकड़ा नहीं, समर्थ भारत की तस्वीर है: पीएम मोदी

प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछली दिवाली हर किसी के मन में एक तनाव था, लेकिन इस दिवाली 100 करोड़ वैक्सीन डोज के कारण एक पैदा हुआ विश्वास है। अगर मेरे देश की वैक्सीन मुझे सुरक्षा दे सकती है, तो मेरे देश में बने सामान मेरी दिवाली को और भी भव्य बना सकते हैं।

भारत में कोरोना के लगे 1,00,00,00,000 टीके
News

भारत में कोरोना के लगे 1,00,00,00,000 टीके

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के महानिदेशक डॉक्टर टैड्रोस ऐडरेनॉम ग़ैबरेयेसस ने भारत की तारीफ में एक ट्वीट कर लिखा- “बधाई हो, पीएम नरेंद्र मोदी, वैज्ञानिकों, स्वास्थ्यकर्मियों और भारत के लोगों को COVID19से कमजोर आबादी की रक्षा करने और वैक्सीन इक्विटी लक्ष्यों को प्राप्त करने के आपके प्रयासों के लिए।"

लालकिला पर मनता था जश्न, होते थे, दंगल और भी बहुत कुछ…
News

लालकिला पर मनता था जश्न, होते थे, दंगल और भी बहुत कुछ…

इस उत्सव में ग्रामीण व दूरदराज की महिलाओं की भागीदारी भी गजब होती। वे भी पुरानी दिल्ली की ओर कूच करती। इनमें बुजुर्ग महिलाएं लालकिला पहुंच जाती तो बाकी जनाना पार्क (सुभाष पार्क के सामने पर्दा बाग) में रुक जाती। वहीं पर ही पूरा दिन बिताया जाता।

किस्सा-ए-पतंगबाजी: माशूक की संदेश वाहक तो अंग्रेजों को चिढ़ाने में मददगार
News

किस्सा-ए-पतंगबाजी: माशूक की संदेश वाहक तो अंग्रेजों को चिढ़ाने में मददगार

पुरानी दिल्ली में पहले ईद, शबे-बरात, बैसाखी, वसंत पंचमी, मकर संक्रांति और सावन के त्योहारों में खूब पतंगबाजी होती थी लेकिन अब लोग 15 अगस्त के आसपास ही पतंग उड़ाते हैं। आज हम आपको पुरानी दिल्ली के पतंग बाजार लाल कुआं से लेकर पतंगबाजी के किस्से सुना रहे हैं।

लाल किला पर तिरंगा फहराने में नेहरू प्रथम, कुछ पीएम जीरो भी रहे
News

लाल किला पर तिरंगा फहराने में नेहरू प्रथम, कुछ पीएम जीरो भी रहे

इनमें दूसरे नंबर पर प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने 16 बार, मनमोहन सिंह ने 10 बार और नरेंद्र मोदी अब आठवीं बार लाल किला की प्राचीर से राष्ट्रीय ध्वज फहराने जा रहे हैं।

नई दिल्ली में किसानों का धरना खत्म, आंदोलन जारी, केंद्र से नहीं मिला आश्वासन
News

नई दिल्ली में किसानों का धरना खत्म, आंदोलन जारी, केंद्र से नहीं मिला आश्वासन

संयुक्त किसान मोर्चे के जनरल सेक्रेटरी युद्धवीर सिंह ने दावा किया कि जंतर मंतर पर प्रदर्शन के जरिए हम सरकार तक अपनी आवाज को पहुंचाने में सफल रहे। उन्होंने जानकारी दी कि अब सितंबर में मुजफ्फर नगर में संयुक्त किसान मोर्चे के बैनर तले किसानों की एक महापंचायत आयोजित की जाएगी

पुराने वक्त में कैसी थी पुरानी दिल्ली, क्या-क्या थी खास बातें

पुराने वक्त में कैसी थी पुरानी दिल्ली, क्या-क्या थी खास बातें

पुरानी दिल्ली में बड़ा बदलाव 1980 के दशक तक आते आते शुरू हो गया था। वरना उससे पहले और मुगलकाल तक उसमें कोई खासा बदलाव नहीं हुआ था। कभी वह दौर था कि अलसुबह ही यहां जगार हो जाती। मंदिरों से आरती और घंटे-घड़ियाल गूंजते तो मस्जिदों से अजान सुनाई देती।

फूलों की थाली सजाने का मन बना लीजिए, श्रीराम के 'दर्शन' का समय निश्चित हो चुका है
News

फूलों की थाली सजाने का मन बना लीजिए, श्रीराम के 'दर्शन' का समय निश्चित हो चुका है

आज जो जानकारी मिली है, उसके अनुसार श्रीराम मंदिर मंदिर निर्माण ट्रस्ट ने कहा है कि रामलला के भव्य मंदिर का पहला तल साल 2023 के दिसंबर तक बनकर तैयार हो जाएगा। इस तल में नाट्य मंडप और गर्भगृह होंगे। इस तल के तैयार होने के साथ ही भक्तों को रामलला के दर्शन का अवसर मिलने लगेगा।

करीब छह माह बाद आंदोलनकारी किसानों का दिल्ली में प्रवेश, फिलहाल शांति
News

करीब छह माह बाद आंदोलनकारी किसानों का दिल्ली में प्रवेश, फिलहाल शांति

जंतर-मंतर पर रोज अलग-अलग सत्र आयोजित होंगे, जिनमें प्रश्नकाल तो होगा ही साथ ही रोज अलग-अलग नेताओं को किसान संसद के संचालन के लिए स्पीकर और डिप्टी स्पीकर भी बनाया जाएगा।

प्यार की ऐसी परिभाषा नीरज ही दे सकते हैं, फिल्मों में मन तो रमा लेकिन वहां प्रवासी ही बने रहे
Views

प्यार की ऐसी परिभाषा नीरज ही दे सकते हैं, फिल्मों में मन तो रमा लेकिन वहां प्रवासी ही बने रहे

पद्मश्री और पद्म भूषण से सम्मानित गोपाल दास नीरज के कई गीत लोग आज भी गुनगुनाते हुए दिख जाते हैं। देवानंद की फिल्म ‘प्रेम-पुजारी’ और ‘गैंबलर’ के गीत तो आज भी सबकी जुबां पर हैं, ऐसे ही राजकपूर की फिल्म ‘मेरा नाम जोकर’ का गीत ‘ऐ भाई जरा देख के चलो’ आज भी संगीत प्रेमियों के बीच अपनी जगह बनाए हुए है।

कनॉट प्लेस के बारे में ये बातें नहीं जानते होंगे आप!
Views

कनॉट प्लेस के बारे में ये बातें नहीं जानते होंगे आप!

दिल्ली के दिल कनॉट प्लेस को कौन नहीं जानता। क्या आपको मालूम है कि जहां कनॉट प्लेस बना है, वहां पहले दो गांव हुआ करते थे। यह ठीक है कि अंग्रेजों ने इसे 'बाजार' के रूप में विकसित किया, लेकिन कभी रिहायशी इलाका भी हुआ करता था। कनॉट प्लेस के बारे में पढ़िए रोचक व अनकहे किस्से।

इस ‘वाहन’ को देखो, पूरा इतिहास छिपा है इस फटफटिया में!
News

इस ‘वाहन’ को देखो, पूरा इतिहास छिपा है इस फटफटिया में!

सिखों ने अपनी मेहनत और ईमानदारी से पूरे विश्व में रुतबा कायम किया है। हम आपको ऐसी जानकारी दे रहे हैं कि किस तरह पाकिस्तान से आए सिखों ने फटफटिया चलाया और बाद में दिल्ली में अपने को स्थापित किया।

पुरानी दिल्ली की इन हवेलियों को जरा देख तो लें!
Views

पुरानी दिल्ली की इन हवेलियों को जरा देख तो लें!

पुरानी दिल्ली याद आते ही भीड़ भरी दुनिया समझ में आती है, जहां कब्जों की भरमार है और लोग नारकीय जीवन जी रहे हैं। लेकिन इस वॉल्ड सिटी का अलग रूप भी है। वहां की कुछ हवेलियां जो आपका मन मोह लेंगी। अगर जर्जर भी हैं ये हवेलियां तो भी इनका गुरूर नजर आता है।

जल्द लौटने वाली है चांदनी चौक की 'चांदनी'
Views

जल्द लौटने वाली है चांदनी चौक की 'चांदनी'

मुगल शासक शाहजहां के वक्त में बनाया गया चांदनी चौक बाजार एक बार फिर से अपनी पुरानी रंगत में आने वाला है। इस बाजार का नए सिरे से सौंदर्यीकरण किया गया है। उम्मीद है कि इस साल में यह बाजार टूरिस्ट स्पॉट बन जाएगा।