ऑस्ट्रेलियाई शराब हो सकती है सस्ती, लेकिन भारत के कारोबारी क्या चाहते हैं?

शराब कंपनियों के शीर्ष निकाय कनफेडरेशन ऑफ इंडियन अल्कोहलिक बेवरेज कंपनीज (सीआईएबीसी) ने सरकार से अनुरोध किया है कि घरेलू शराब उद्योग को समर्थन के लिए ऑस्ट्रेलिया के साथ प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के तहत भारत विदेशी शराब पर सीमा शुल्क दरों में धीरे-धीरे कमी करे।

ऑस्ट्रेलियाई शराब हो सकती है सस्ती, लेकिन भारत के कारोबारी क्या चाहते हैं?
Photo by Pier Demarten / Unsplash

क्या ऑस्ट्रेलिया से आने वाली शराब पर भारत आंशिक तौर पर सीमा शुल्क घटा सकता है? ये सवाल इसलिए उठ रहे है क्योंकि ऑस्ट्रेलिया के साथ व्यापारिक संबंधों को लेकर होने वाली बातचीत से पहले भारत के वाणिज्य मंत्रालय ने भारत के शराब कारोबारियों का मन टटोलने के लिए एक और मीटिंग बुलाई थी, ताकि समझौते को लेकर किसी मुकाम पर पहुंचने से पहले उनकी राय ली जा सके। उधर व्यापारिक समझौते के रास्ते में आने वाली बाधाओं को दूर करने के लिए ऑस्ट्रेलिया के व्यापार मंत्री डेन टेहन 10 फरवरी को भारत दौरे पर आ रहे हैं। टेहन वाणिज्य व उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के साथ बैठक करेंगे। बताया जा रहा है कि इस साल के अंत तक ऑस्ट्रेलिया के साथ मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) होने की संभावना है।

सूत्रों के हवाले से ये खबर आ रही है कि भारत के शराब कारोबारियों को ऑस्ट्रेलिया की शराब के भारत आने को लेकर कोई दिक्कत नहीं है। एफटीए के तहत दोनों देशों के बीच इस बारे में कोई समझौता होता है तो भारतीय शराब कारोबारियों को इसमें कोई आपत्ति नहीं है। लेकिन भारत के कारोबारियों के मन में बहुत सारी आशंकाएं भी हैं। इसलिए वे चाहते हैं कि सरकार ऐसा कदम उठाए जिससे समझौते के तहत भारतीय कारोबारियों के हितों की रक्षा हो सके।