दिल्ली में हनुमान जयंती शोभायात्रा पर हमला, भारतीय-अमेरिकी नाराज, कट्टरपंथियों पर एक्शन की मांग

‘अमेरिकन फॉर हिंदूंज़’ के संस्थापक डॉ. रोमेश जपरा का कहना है कि यह एक व्यापक पैटर्न है। रेडिकल अल्पसंख्यकों द्वारा दुनिया भर में किए गए ये हमले न केवल हिंदुओं के खिलाफ बल्कि अन्य सभी धर्मों के खिलाफ भी काफिर फोबिया का प्रतिनिधित्व करते हैं।

दिल्ली में हनुमान जयंती शोभायात्रा पर हमला, भारतीय-अमेरिकी नाराज, कट्टरपंथियों पर एक्शन की मांग
दिल्ली में हनुमान जयंती शोभायात्रा पर हमले के बाद मुस्तैद पुलिसकर्मी। फोटो- राजीव भट्ट

अमेरिका के भारतीय अमेरिकी समुदाय और विभिन्न संगठनों व कारोबार से जुड़े नेताओं व प्रतिनिधियों ने भारत की राजधानी नई दिल्ली स्थित जहांगीर पुरी क्षेत्र में हनुमान जयंती के अवसर पर निकाली गई शोभायात्रा में कट्टरपंथी अल्पसंख्यकों द्वारा हमला किए जाने पर चिंता जताई है और भारत सरकार से उनके खिलाफ कड़े कदम उठाने की मांग की है। चिंता जताने वालों में सामाजिक-सांस्कृतिक संगठनों के नेता, कार्यकर्ता, उद्यमी, होटल व्यवसायी और टेक्नोलॉजिस्ट आदि शामिल हैं।

डॉ. संपत शिवांगी ने कहा कि कुछ असहिष्णु समूह इस दुर्भावनापूर्ण प्रतिक्रिया का नेतृत्व कर रहे थे।

इंडियन अमेरिकन फोरम के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संपत शिवांगी ने कहा कि कुछ असहिष्णु समूह इस दुर्भावनापूर्ण प्रतिक्रिया का नेतृत्व कर रहे थे। वे उस राष्ट्र (भारत) की राह में रोड़ा अटका रहे हें जो विविधता में एकता के लिए जाना जाता है। भारत की विशेषता यह है कि वह लोकतंत्र और धर्मनिरपेक्षता के मूल को छूता है और वह हजारों सालों से इसी सिद्धांत पर अडिग है। हिंदूपैक्ट की मीडिया समन्वयक वंदना शर्मा ने कहा कि हाल ही में यह एक विचलित करने वाला चलन बनता जा रहा है कि शहरी भारत में मुस्लिम समूह दुनिया भर के कट्टरपंथी इस्लामवादी समूहों से तेजी से प्रभावित हो रहे हैं।

जर्सी के एक होटल व्यवसायी और GOPIO के अध्यक्ष अशोक भट्ट ने आरोप लगाया कि इन हमलों के पीछे बड़ी साजिश है, क्योंकि अधिकांश हिंसा पूर्व नियोजित थी। शिकागो से अमेरिका के विहिप के अमिताभ मित्तल का भी कहना है कि ये सभी सुनियोजित और समन्वित हमले थे न कि बिना सोचे-समझे वाले। हजारों की संख्या में लोग पत्थर, तलवारें और हैंडगन के साथ इकट्ठा हुए। दिल्ली में कम उम्र के लड़कों को लाइव सीसीटीवी फुटेज में हिंदू आस्था के अनुयायियों की भीड़ पर गोलीबारी करते देखा गया। एरिज़ोना के सामाजिक कार्यकर्ता प्रसाद कोराने ने भी हमलों के पीछे एक साजिश जताई। सैन फ्रांसिस्को के भृगुराज सिंह का स्पष्ट कहना है कि ऐसे कृत्यों का निर्माण और मंचन उन लोगों द्वारा किया जाता है जो भारत की तेजी से चमकते विकास को पचा नहीं पा रहे हैं।

सुखी चहल ने भारत के विभिन्न राज्यों में हुई ऐसी कई घटनाओं पर चिंता और हैरानी जताई है। 

खालसा टुडे की संपादक और प्रमुख सुखी चहल ने भारत के विभिन्न राज्यों में हुई ऐसी कई घटनाओं पर चिंता और हैरानी जताई है। हिन्दुओं पर हमलों की ऐसी प्रवृत्ति पर ध्यान देते हुए यूएस-इंडिया फ्रेंडशिप काउंसिल के अध्यक्ष डॉ. भरत बरई ने कहा कि कश्मीरी हिंदुओं के साथ जो हुआ, वह शेष भारत में नहीं होने दिया जा सकता। रामनवमी और हनुमान जयंती के जुलूसों पर ये हमले हिंदुओं को जागृत करने और अपनी रक्षा करने के लिए आगे बढ़ने का आह्वान हैं। लॉस एंजिल्स के जाने-माने परोपकारी अवधेश अग्रवाल का कहना है कि हिंदू हमेशा निष्पक्ष रहे हैं लेकिन अब उन्हें अस्तित्व के लिए समान दृष्टिकोण को बदलना और पलटना होगा। सिलिकॉन वैली स्थित एक मंदिर के संस्थापक राज भनोट का कहना है कि हमारी कमजोरी के लिए हिंदुओं के धैर्य की परीक्षा नहीं लेनी चाहिए, अन्यथा इसके खिलाफ मजबूत प्रतिक्रियाएं होंगी।

डॉ. रोमेश जपरा का कहना है कि यह एक व्यापक पैटर्न है।

‘अमेरिकन फॉर हिंदूंज़’ के संस्थापक डॉ. रोमेश जपरा का कहना है कि यह एक व्यापक पैटर्न है। रेडिकल अल्पसंख्यकों द्वारा दुनिया भर में किए गए ये हमले न केवल हिंदुओं के खिलाफ बल्कि अन्य सभी धर्मों के खिलाफ भी काफिर फोबिया का प्रतिनिधित्व करते हैं। सामाजिक नेता अमिताभ मित्तल का भी कहना है कि धर्म विशेष के लोगों द्वारा अन्य धार्मिक सभाओं पर हमलों का एक विश्वव्यापी पैटर्न स्पेन, स्वीडन, बेल्जियम, फ्रांस और भारत में देखा जा रहा है।

लॉस एंजिल्स के समुदाय नेता विजय कुमार ने कहा कि दिल्ली के हनुमान जयंती के अवसर पर अल्पसंख्यक समुदाय के पुरुषों ने पत्थरों, चाकुओं और तलवारों से एक अमानवीय, घृणित हमला कर छोटे बच्चों और महिलाओं को घायल कर दिया। सिलिकॉन वैली इंटर-रीलिजियस काउंसिल की सोमंजना चटर्जी ने जोर दिया कि अपराधियों को दंडित किया जाना चाहिए। उद्यमी और होटल व्यवसायी मुकेश मोजी ने अधिकारियों से सवाल किया कि जो संगठन भारत के खिलाफ अभियान चलाकर लगातार सांप्रदायिक शांति को चुनौती दे रहे हैं, ऐसे भड़काऊ लोगों को जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए। कैलिफोर्निया स्थित हिंदू मंदिरों के ट्रस्टी चंद्रू भाम्ब्रा ने दिल्ली पुलिस से अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का आग्रह किया है। यूएससीआईआरसी के अध्यक्ष डॉ. अमित देसाई ने अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता के लिए प्रतिबद्ध समूहों और नेताओं से अपील की है कि वे कट्टरपंथियों के कार्यों की निंदा करें जो चुनिंदा लक्ष्य बनाते हैं।

सिलिकॉन वैली के टेक्नोलॉजिस्ट व्यावसायी खंडेराव कांड का कहना है कि भारत के बारे में नकारात्मक प्रचार और जमीनी वास्तविकताओं के बीच काफी अंतर है, जबकि संयुक्त राज्य अमेरिका में हम अल्पसंख्यकों के मानवाधिकारों पर भारत के खिलाफ एक तीव्र नकारात्मक अभियान देख रहे हैं। दिल्ली में हिंदुओं पर हमला दिखाता है कि तथ्य अलग हैं। लॉर्टन वर्जिना के संत गुप्ता का स्पष्ट आरोप है कि कुछ संगठन भारत की लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई सरकार को कमजोर करने, भारत के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करने और लंबे समय से अशांति और हिंसा को भड़काने के लिए षडयंत्र कर रहे हैं। ये संगठन अल्पसंख्यकों की पीड़ा  को दूर करने के बजाय मजबूत, एकीकृत और शांतिपूर्ण भारत के निर्माण के लिए अपनी ऊर्जा को खर्च कर रहे हैं।