कनाडा: ओमिक्रॉन के खतरे ने धीमी की स्टूडेंट वीजा को अनुमति देने की रफ्तार

महामारी के दौरान दो साल में केवल भारत से ही स्टूडेंट वीजा के लिए करीब 3.5 लाख आवेदन गए। कुछ दिन पूर्व ही कनाडा सरकार ने कहा था कि वह स्टूडेंड वीजा को लेकर तेजी ला रही है, लेकिन कोरोना के नए वेरिएंट ने छात्रों की पढ़ाई को फिर से दुविधा में डाल दिया है।

कनाडा: ओमिक्रॉन के खतरे ने धीमी की स्टूडेंट वीजा को अनुमति देने की रफ्तार
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कोरोना वायरस के नए और अधिक संक्रामक वैरिएंट ओमिक्रॉन के चलते पूरी दुनिया पर इस महामारी का संकट एक बार फिर गहरा रहा है। वहीं, इसके चलते पंजाब से कनाडा के लिए लंबित स्टूडेंट वीजा आवेदनों की संख्या बढ़ती जा रही है। कुछ समय पहले तक कनाडा की ओर से वीजा आवेदनों को अनुमति देने में कुछ तेजी देखी गई थी, लेकिन ओमिक्रॉन के खतरे ने स्थिति को बदला है।

कनाडा में पढ़ाई के लिए छात्र दो श्रेणियों में आवेदन कर सकते हैं। इनमें पहली श्रेणी स्टूडेंट डायरेक्ट स्ट्रीम (SDS) और दूसरी गैर एसडीएस है। वर्तमान में गैर एसडीएस श्रेणी के जरिए आवेदन करने वाले छात्रों को सबसे ज्यादा समस्या का सामना करना पड़ रहा है। बता दें कि इस श्रेणी के आवेदनों को अनुमति देने की प्रक्रिया में बड़ी गिरावट देखी गई है। यह जनरल वीजा आवेदन की श्रेणी है।