तेलुगू प्रवासियों की इस स्कीम से क्या आप हैं वाकिफ, समस्याओं का होता है समाधान

अगर किसी प्रवासी ने इसके अंतर्गत बीमा कराया है और विदेश में रहते हुए यदि दुर्घटना में स्थायी रूप से विकलांग हो जाते हैं तो उन्हें सरकार 10 लाख रुपये की आर्थिक मदद देती है और यदि पॉलिसी लेने वाले की दुर्घटना में मौत हो जाती है तो यही रकम परिवार के सदस्य को दी जाती है।

तेलुगू प्रवासियों की इस स्कीम से क्या आप हैं वाकिफ, समस्याओं का होता है समाधान

भारतीय प्रवासियों के कल्याण के लिए भारत सरकार कई योजनाएं अमल में ला रही हैं, ताकि संकट की घड़ी या आर्थिक परेशानी के दौरान उनकी मदद की जाए। इसके अलावा भारत के विभिन्न राज्य भी विदेश में बसे अपने प्रदेश के लोगों के हितों के लेकर कई कल्याणकारी कदम उठाती है। इनमें वह राज्य आगे हैं, जिसके वासी विदेशों की अधिक है।

इनमें दक्षिण भारत के राज्य अपने प्रवासियों का लगातार हित साधते हैं। इसी कड़ी में हम इस बार दक्षिण भारत के एक और राज्य आंध्र प्रदेश सरकार की एक योजना के बारे में बताएंगे जो विदेश में बसे तेलुगू वासियों को आर्थिक मदद पहुंचाती है। इस योजना को 'प्रवासांध्रा भरोसा बीमा' नाम दिया गया है जिस योजना का लाभ 18 से 60 वर्ष के बीच के विदेश में बसे तेलुगू प्रवासी ले सकते हैं।

आंध्र प्रदेश की इस बीमा योजना से विदेश में रह रहे पेशेवर और विद्यार्थी दोनों ही जुड़ सकते हैं। दोनों के लिए अलग-अलग तरह के फायदे इस बीमा के अंतर्गत दिए जा रहे हैं।