अपने व्यक्तित्व को पहचाने, नेतृत्व करना आ जाएगा, टेरास्कोप की नई सीईओ बनीं माया हरि

ओलम ग्रुप की स्थापना 1989 में हुई थी। तब से यह दुनिया भर में 20,900 ग्राहकों को भोजन, सामग्री और फाइबर की आपूर्ति करने वाला एक प्रमुख खाद्य और कृषि-व्यवसाय रहा है। इसकी श्रृंखला 60 से अधिक देशों में फैली हुई है

अपने व्यक्तित्व को पहचाने, नेतृत्व करना आ जाएगा, टेरास्कोप की नई सीईओ बनीं माया हरि

सिंगापुर के प्रमुख खाद्य और कृषि व्यवसाय से जुड़े ओलम (OLAM) समूह ने भारतीय मूल की माया हरि को अपने जलवायु तकनीक उद्यम टेरास्कोप का मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त किया है। यह उद्यम कंपनियों को तकनीक के माध्यम से उत्सर्जन को सटीक ढंग से कम करने का तरीका बताता है और सहयोग करता है। माया हरि को ट्विटर, गूगल,  सैमसंग, माइक्रोसॉफ्ट और सिस्को जैसी कंपनियों में काम करने का लंबा अनुभव है।

ट्विटर में वह वैश्विक रणनीति और संचालन के उपाध्यक्ष के साथ-साथ एशिया प्रशांत (APAC) के उपाध्यक्ष और प्रबंध निदेशक के रूप में काम कर रही थीं। अब वह टेरास्कोप की बागडोर संभालेंगी। माया हरि के पास प्रौद्योगिकी और डिजिटल में दो दशकों का कार्य अनुभव है। नई नियुक्ति पर माया का कहना है कि मैं टेरास्कोप के सीईओ के रूप में एक नए साहसिक काम में कदम रखने को लेकर रोमांचित हूं।

ओलम ग्रुप की स्थापना 1989 में हुई थी। 

ओलम ग्रुप की स्थापना 1989 में हुई थी। तब से यह दुनिया भर में 20,900 ग्राहकों को भोजन, सामग्री और फाइबर की आपूर्ति करने वाला एक प्रमुख खाद्य और कृषि-व्यवसाय रहा है। इसकी श्रृंखला 60 से अधिक देशों में फैली हुई है और इसमें खेती, प्रसंस्करण और वितरण कार्य शामिल हैं। इसमें किसानों का एक वैश्विक नेटवर्क भी है।

ओलम वेंचर्स के सीईओ सुरेश सुंदरराजन ने कहा, हम टेरास्कोप के तकनीकी समाधान की मजबूत मांग देख रहे हैं। इसका नेतृत्व करने और कारोबार को अगले चरण में ले जाने के लिए माया जैसी अनुभवी और योग्यता की धनी व्यक्तित्व का अपनी कंपनी में स्वागत करते हुए खुशी हो रही है। इस साल की शुरुआत में कंपनी ने माथवन अरुगलैमुथु को टेरास्कोप का मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी (सीटीओ) नियुक्त किया था। उन्होंने कहा कि मुझे विश्वास है कि माया के नेतृत्व में टेरास्कोप और आगे बढ़ेगा। इसके साथ ही नए नए ग्राहकों को उनके लक्ष्य को हासिल करने में मदद करेगा।

एक महिला के किसी कंपनी का सीईओ होने के बारे में माया का कहना है कि महिला अधिकारियों को उन चुनौतियों का सामना करना पड़ता है जो उनके पुरुष समकक्ष नहीं करते हैं। यह दुर्भाग्यपूर्ण है। लेकिन कई सफल महिलाओं की कहानी इस बात का सबूत हैं कि इन बाधाओं को दूर करना संभव है। एक सलाह जो मैं दूसरों को दे सकती हूं, वह है अपना निर्माण खुद करना। अक्सर कई महिलाएं खुद को साबित करने के लिए बहुत कोशिश करती हैं। लेकिन मुझे लगता है कि प्रभावी नेतृत्व पहले खुद को समझने से आता है बजाय इसके कि आप कुछ ऐसा बनने की कोशिश करें जो आप नहीं हैं।

माया का कहना है कि प्रत्येक व्यक्ति का अपना विशिष्ट व्यक्तित्व और अपनी एक शैली है। एक बार जब आप पहचान लेते हैं कि आपकी क्षमता क्या है तो आप अपनी टीम का नेतृत्व करते समय अपनी ताकत का बेहतर लाभ उठाने और अपनी कमजोरियों को दूर करने में सक्षम हो सकते हैं।