अपने देसी जायकों से दुनिया भर में धूम मचा रहा भारत का हल्दीराम्स

दुनिया भर के 80 देशों में है हल्दीराम्स के उत्पादों की लोकप्रियता। विदेशों में पारंपरिक भारतीय मिठाइयों और नमकीन की सबसे बड़ी मांग ने हल्दीराम्स फूड्स इंटरनेशनल लिमिटेड को इस क्षेत्र के सबसे बड़े निर्यातकों में से एक के रूप में स्थापित किया है।

अपने देसी जायकों से दुनिया भर में धूम मचा रहा भारत का हल्दीराम्स
प्रवासी भारतीयों में इसकी बढ़ती लोकप्रियता के चलते अमेरिकी सुपरमार्केट्स में इनके उत्पाद बढ़ने लगे।

जब भी भारत की बात होती है तब भारतीय खाने का जिक्र होना स्वाभाविक है। भारत की विविधता सिर्फ उसकी संस्कृति और रहन सहन व पहनावे तक ही सीमित नहीं है बल्कि उसके व्यंजनों और पकवानों में भी देखी जाती है। देश के 29 राज्यों में कोई ना कोई ऐसा पकवान मिल ही जाएगा जो उस राज्य का विशेष हो। फिर भारतीय स्वादों से पूरी दुनिया अछूती कैसे रह सकती है? दुनिया के कई देशों में भारतीय व्यंजनों और मिठाइयों की भारी मांग रहती है। और इसी मांग को पूरा कर रहा है भारत के बीकानेर, राजस्थान से शुरू हुआ हल्दीराम्स।

हल्दीराम्स की स्थापना 1937 में श्री गंगा भीशन अग्रवाल ने की थी, जिन्हें हल्दीराम जी के नाम से जाना जाता था। भारत के बीकानेर, राजस्थान में अग्रवाल जी ने एक मिठाई और नमकीन की दुकान से अपना कारोबार शुरू किया था। विस्तार के लिए सबसे पहले कलकत्ता, फिर 1970 में जयपुर और 1990 में दिल्ली में उत्पादन प्लांट खोले गए। 2003 में कंपनी ने उपभोक्ताओं के लिए सुविधाजनक खाद्य पदार्थ विकसित करने शुरू किए।