अंतरिक्ष में परचम लहरा रहीं भारतीय मूल की महिलाएं

कल्पना चावला और सुनीता विलियम्स के बाद सिरीशा बांदला अंतरिक्ष में जाने वाली भारत में जन्मी तीसरी महिला बनने के लिए तैयार हैं।

अंतरिक्ष में परचम लहरा रहीं भारतीय मूल की महिलाएं

एक कहावत है कि 'स्काई इज द लिमिट', लेकिन कुछ लोग इससे आगे जाने की भी हिम्मत करते हैं। आंध्र प्रदेश और पंजाब की रहने वाली दो भारतीय मूल की महिलाएं अंतरिक्ष और रोबोटिक संचालन में अपने योगदान के लिए दुनियाभर में सुर्खियां बटोर रही हैं।

कल्पना चावला और सुनीता विलियम्स के बाद सिरीशा बांदला अंतरिक्ष में जाने वाली भारत में जन्मी तीसरी महिला बनने के लिए तैयार हैं।

बांदला UNITY22 स्पेसफ्लाइट क्रू का एक हिस्सा है। वे 11 जुलाई को यूके के अरबपति और वर्जिन गेलेक्टिक के संस्थापक रिचर्ड ब्रैनसन के साथ अपनी छह सदस्यीय टीम के साथ अंतरिक्ष में उड़ान भरेंगी।